महावीर की िनकली शोभायात्रा
महावीरस्वामी की शोभायात्रा रविवार को िनकाली गई। जैन समाज की महिलाएं, पुरुष, बच्चे बड़ी संख्या में शामिल थे। महावीर स्वामी के उपदेशों के साथ भजन कीर्तन जयघोष समाज के लोग कर रहे थे। शोभायात्रा में सबसे प्रेम करो, िजयो और जीने दो के पोस्टर समाज के बीच सद्भावना का संदेश दे रहे थे।
दिगंबर जैन मिलन समिति ने रविवार को पर्यूषण पर्व के अंतिम दिवस क्षमा वीरस्य भूषणम् का प्रतीक पोस्टर के साथ भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा निकालकर नगरवासियों को विश्व मैत्री का संदेश दिया। पुराना बस स्टैंड से िनकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोग शािमल हुए। 10 दिनों से पर्यूषण पर्व समाज के लोगों ने सद्भावना पूर्वक मनाया। क्षमा सभी धर्मों का मूल आधार है, क्षमा से अहंकार नष्ट हो जाता है। धरती पर जन्म लेने वाला प्रत्येक प्राणी हर किसी के प्रति मैत्री का भाव रखंे। ऐसी सद्भावना के समर्थक जैन समाज का बच्चा-बच्चा भगवान महावीर की शोभायात्रा में शामिल होकर महावीर स्वामी के आदर्श पर चलने सामने आया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं, पुरुष बच्चे शामिल थे। शोेभायात्रा मुख्य मार्ग होते हुए बुधवारी जैन मंदिर पहुंचकर पूर्ण हुई। जहां महावीर स्वामी की पूजा आरती की गई। वहीं समाज की महिलाओं ने नृत्य कर भगवान महावीर की अगुवानी की। मंिदर परिसर स्थित समाज के भवन में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें क्षमावाणी पर्व का उद्देश्य समाज के बुजुर्ग, महिलाओं बच्चों से जाने अनजाने में होने वाले कार्य व्यवहार से दूसरों को पहुंचने वाली पीड़ा के लिए क्षमावाणी करना बताया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने जीवन में की गई गलतियों के लिए क्षमा मांगकर, लोगों से अपनी गलती स्वीकारने का आह्वान िकया। पर्यूषण पर्व को लेकर समाज द्वारा जैन मंदिर बुधवारी में हर दिन हर वर्ग के िलए प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों को प्रतियोिगताओं से जोड़ते हुए उनके ज्ञान के प्रकाश को विस्तारित किया गया। सांस्कृितक कार्यक्रमों के साथ समाज को महावीर स्वामी के प्रेरक विचारों से रूबरू कराया गया। कार्यक्रम के दौरान शोभायात्रा में शािमल हर सदस्य को समिति की ओर से स्मृित चिन्ह भेंट किया गया। वहीं िवजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
रथ में विराजमान महावीर स्वामी, शोभायात्रा में डांडिया करती जैन समाज की महिलाएं।