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विरोध के बीच हुई पर्यावरणीय जनसुनवाई

6 वर्ष पहले
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एसईसीएलके कुसमुंडा खदान की उत्पादन क्षमता 18.75 मिलियन टन से बढ़ाकर 50 मिलियन टन करने की योजना के तहत कुसमुंडा के इंदिरा स्टेडियम में विरोध के बीच पर्यावरणीय जनसुनवाई पूरी कर ली गई।

एसईसीएल ने कुसमुंडा विस्तार परियोजना के लिए तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को कुसमुंडा के आदर्श नगर में एसईसीएल, प्रशासन पर्यावरण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में 11 बजे से पर्यावरणीय जनसुनवाई शुरू हुई यहां मौजूद ग्रामीणों के साथ युकां नेताओं ने जन सुनवाई को नियम विरूद्ध बताते हुए इसका विरोध िकया। प्रशासन की ओर से यहां एडीशनल कलेक्टर िहना अनिमेष नेताम, कटघोरा एसडीएम विजेन्द्र पाटले पर्यावरण संरक्षण िवभाग के जिला अधिकारी आर पी शिंदे उपस्थित रहे। जनसुनवाई का विरोध करने वाले ग्रामीणों का आरोप था कि एसईसीएल प्रबंधन ने भू-विस्थापितांे के हित के लिए अब तक कोई काम नही किया है। पूर्व के विस्थापिताें को भी अब तक नौकरी नही दी गई। वे पर्याप्त मुआवजा से भी वंचित है। भूविस्थापित अपनी पूरानी मांग पर अड़े रहे कि पहले पूर्व के सभी प्रभावितों को नौकरी मुआवजा दिया जाए। भू-िवस्थापितों ने इस बात को भी प्रमुखता से उठाया कि प्रबंधन नौकरी देने में पुरूष महिला में क्यों अंतर करता है। उन्होंने जनसुनवाई प्रभावित गांव में करने की बात कही। कुसमुंडा विस्तार परियोजना के तहत पहले दूसरे चरण के कार्य से लगभग 9250 परिवार को विस्थापित किया जाना है। वहीं प्रभावित भू-विस्थापिताें की संख्या 5475 है। परियोजना में विना वन भूमि वाले गांव की संख्या 8 है। प्रबंधन के अनुसार इनमें से विस्थापित परिवारों की संख्या 1344 है। इसमें 1142 को पहले ही मुआवजा पुनर्वास प्रदान किया जा चुका है। भू-विस्थािपतों की संख्या 2166 है। इसमें 1543 को रोजगार 4 को नगद क्षतिपूर्ति प्रदान किया जा चुका है। शेष गांव की पुनर्स्थापना एवं पुनर्वास काय जिला स्तरीय समिति की अनुसंशा पर किया जाएगा। पर्यावरणीय जनसुनवाई विरोध की आशंका से स्टेडियम पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। एडीशनल एसपी डॉ लाल उम्मंेद सिंह, सीएसपी कोरबा कीर्तन राठौर, सीएसपी दर्री दौलत राम पोर्ते, कुसमुंडा थाना प्रभारी साधना सिंह, बांकी मांेगरा थाना प्रभारी श्रुति सिंह मौजूद रहे।

मंच पर बैठे एडीएम, एसडीएम जिला पर्यावरण अिधकारी, विरोध जताते कांग्रेस कार्यकर्ता वहां उपस्थित विधायक लखनलाल

जनसुनवाई पूरी हुई

^एसईसीएलखदान के विस्तार के सिलसिले में अायोजित जनसुनवाई से जुड़ी कार्रवाई पूरी हो गई है। इसमें एसईसीएल प्रबंधन के अलावा पर्यावरण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। सुनवाई से जुड़े दस्तावेजों को संकलित कर आगे संबंधित विभाग को प्रेषित किया जाएगा। हिनाअनिमेष नेताम, एडीएम

22 लिखित, 38 मौखिक आपत्ति सुझाव आए

^बुधवारको एसईसीएल कुसमुंडा विस्तार परियाेजना के लिए कुसमुंडा स्टेडियम में पर्यावरणीय जनसुनवाई हुई। जिसमें 22 लिखित 38 मौखिक आपत्ति सुझाव सुनवाई में मौजूद लोगों की ओर से रखे गए है। जन सुनवाई में नौकरी, मुआवजा, भू-अधिग्रहण पर्यावरण स्थानीय मूलभूत मांग समस्या के संबंध में अपनी बात रखी है। आरपीशिंदे, जिला पर्यावरण संरक्षण मंडल अधिकारी

ऊर्जा जरूरतों के लिए विस्तार जरूरी

प्रबंधनके अनुसार देश में कोयले की मांग लगातार बढ़ रही है। ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कुसमुंडा कोयला खदान का विस्तार जरूरी है। प्रबंधन के मुताबिक विस्तार के बाद खदान से 50 मिलियन टन प्रतिवर्ष कोयला उत्पादन होगा। खदान से कोयले का परिवहन यंत्रीकृत तरिके से किया जाएगा। जिससे प्रदूषण नही होगा। 377 हेक्टेयर वनभूमि में खनन होगा। वहीं 1570 हेक्टेयर नई वन भूमि का विकास भी किया जाएगा। इससे लाखों बेरोजगारांे को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार भी मिलेगा।

दो चरणों में होना है विस्तार

एसईसीएलकुसमुंडा विस्तार परियाेजना के तहत खदान की उत्पादन क्षमता 18.75 मिलियन टन से बढ़ाकर 50 मिलियन टन (अिधकतम 62.50 मिलियन टन ) िकया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। जिसके पहले चरण के तहत 12 गांवो की 1655 हेक्टेयर से भूमि लिया गया है। इन ग्रामों में दुरपा, दुल्लापुर, बरपाली, खम्हरिया, बरकुटा, बरमपुर, जरहाजेल, जटराज, सोनपुरी, पड़निया, पाली रिस्दी का नाम शामिल है। दूसरे चरण में दूसरे चरण में प्रस्तावित विस्तार के लिए ग्राम खोड़री, खैरभावना, आमगांव, चुरैल एवं गेवरा की 1127 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। कुल 3510 हेक्टेयर भूमि पर कार्य होना है।

जनसुनवाई से उठकर चले गए

एसईसीएलप्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए यहां पहुंचे जिला पंचायत सदस्य अजय जायसवाल, पूर्व कांग्रेसी पार्षद अमरजीत सिंह, शनिष कुमार सहित कई ग्रामीण बीच में जनसुनवाई से उठकर बाहर चले गए आैर वे इंदिरा स्टेडियम के भीतर ही जनसुनवाई के लिए लगाए गए टेंट से बाहर जाकर जमीन पर बैठ कुछ देर तक नारेबाजी करते रहे। इसी बीच यहां कटघोरा विधायक लखन लाल देवांगन भी पहंंुच गए। उन्होने भी जनसुनाई को सैद्धांतिक तौर पर अनुचित बताते हुए जनसुनवाई पर विरोध जताया और कुछ देर बाद यहां से चले गए। उनके साथ भाजपा नेत्री उमाभारती सराफ भी मौजूद रही। सुनवाई के दौरान युंकाइयों ने काली पट्‌टी लगाकर विरोध जताया। इस दौरान यहां कांग्रेसी पार्षद मनीष शर्मा, निगम सभापति धुरपाल सिंह कंवर पूर्व पार्षद अमरजीत सिंह अन्य युंकाई मौजूद रहे।