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वर्दी के बिना सवारी वाहनों की ड्राइविंग, कार्रवाई नहीं हो रही

6 वर्ष पहले
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यात्रीसुरक्षा समेत सफर के दौरान अपराधिक घटनाओं के रोकथाम के लिए राज्य शासन ने सवारी वाहन चलाने वालों के लिए खाकी वर्दी और नेम प्लेट अनिवार्य किया है। बावजूद इसके जिले में इसका पालन नहीं हो रहा है। परिवहन विभाग भी कार्रवाई के बजाए सुस्ती बरत रहा है।

बस, आटो समेत अन्य सवारी वाहनों में सफर के दौरान कई बार यात्रियों से ड्राइवर-हेल्पर की विवाद हो जाती है। यहां तक महिला यात्रियों से दुव्यवहार, छेड़छाड़ की बात भी सामने आती है। सफर के दौरान यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे इसके लिए राज्य शासन ने कुछ साल पहले सवारी वाहनों के चालकों को खाकी वर्दी पहनना और नेम प्लेट लगाना अनिवार्य किया था। बस समेत अन्य वाहनों में हेल्पर के लिए भी यह नियम लागू था। सवारी आटो के चालकों के लिए भी यही नियम था। शुरूआत में सवारी वाहनों के चालकों ने इसका पालन करना शुरू किया। लेकिन बाद में धीरे-धीरे चालकों हेल्पर वर्दी पहनना भूल गए। अब वह खुलकर निर्देशों और परिवहन विभाग के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। दूसरी ओर परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। विभाग के जिम्मेदारी अधिकारी समेत उड़नदस्ता अमला आंख मुंदकर बैठे हैं।

आटोचालकों को बांटी गई थी वर्दी : दोसाल पहले जिला पुलिस के यातायात विभाग ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान जिला आटो संघ के चालकों को खाकी वर्दी का वितरण किया था। आटो संघ के द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर यात्री सुरक्षा के लिए खाकी वर्दी और नेम प्लेट लगाकर चालकों के आटो चलाने की बात कही थी। लेकिन कुछ महिने बाद आटो संघ अपने किए वादे को भूल गया।

बिना वर्दी वाले चालकों पर होगी कार्रवाई

^शासन के नियमानुसार सवारी वाहनों के चालकों को खाकी वर्दी और नेम प्लेट लगाना अनिवार्य है। इसके लिए दिशा-निर्देश दिया गया है। जांच अभियान चलाकर बिना वर्दी के चलने वाले वाहन चालकों को पकड़कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पीआरनेताम, डीटीओ कोरबा

यातायात पुलिस कसेगी शिकंजा

निगमक्षेत्र में चलने वाले एक हजार से अधिक सवारी आटो पर जल्द ही यातायात पुलिस का शिकंजा कस जाएगा। परिवहन विभाग से सभी पंजीकृत आटो का डिटेल लिया गया है। जिसके बाद आटो नंबर, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस समेत चालक का सत्यापन किया जाएगा। प्रत्येक आटो को पुलिस की ओर से एक नंबर जारी किया जाएगा। जो आटो में लिखा जाएगा। यात्री आटो संबंधी किसी तरह की शिकायत उक्त नंबर के आधार पर सीधे पुलिस से करेंगे। पुलिस तत्काल उस नंबर वाले आटो और चालक का पता लगा लेगी।

पुलिसवेरिफिकेशन नहीं होता

देशकी राजधानी दिल्ली समेत कई प्रदेश और हमारे राज्य में सवारी वाहनों के चालकों द्वारा अपराधिक घटना को अंजाम देने के कई मामले सामने चुके हैं। इसलिए पूर्व में सभी सवारी वाहनों के चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन की योजना बनी थी। लेकिन तो इसके लिए पुलिस ने गंभीरता दिखाई और ही वाहन मालिकों ने। वर्तमान में कई सवारी वाहनों के चालक ऐसे भी है जिनका अपराधिक रिकार्ड है।

यात्रियोंको यह होगा लाभ

बसके ड्राइवर-हेल्पर समेत आटो चालकों के खाकी वर्दी पहनने और नेम प्लेट लगाने से उनकी सीधे पहचान हो जाएगी। यात्रा के दौरान वह किसी तरह की हुज्जतबाजी करने से बचेंगे। अपराधिक प्रवृत्ति के ड्राइवर-हेल्पर में अपराध करने पर पकड़े जाने का डर रहेगा। यात्री आराम से सफर कर सकेंगे। खासकर आटो में सूनसान इलाके से होकर आवागमन करने वाले यात्री सुरक्षित रहेंगे।

मनमाना रवैय्या रहता है

बालकोनिवासी सुनील कुमार के मुताबिक बस आटो के चालकों का रवैय्या मनमाना रहता है। यात्रियों से हुज्जतबाजी की जाती है। विरोध करने पर वे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इसके लिए सुधार होना चाहिए।

अनिवार्यहो वर्दी-नेम प्लेट

सीएसईबीकालोनी निवासी प्रिया चौहान के अनुसार सफर के दौरान अक्सर महिला यात्री खुद को असुरक्षित महसूस करती है। खासकर आटो में अकेले सफर के दौरान। इसलिए उन्हें वर्दी और नेम प्लेट अनिवार्य करना चाहिए।

पुलिसकी योजना सराहनीय

शहरके व्यवसायी भीम गुप्ता के मुताबिक आटो चालकों से लोग परेशान है। यात्रियों से दुर्व्यवहार आम बात है। इसलिए पुलिस विभाग द्वारा आटो के नंबरिंग कर कार्रवाई के लिए शुरू की जा रही योजना सराहनीय है। इससे लगाम कस जाएगा।

जरूरीहै नियमों का पालन

दर्रीनिवासी करीम खान ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग मिनी बस आटो में सफर करते हैं। यात्री सुरक्षा के लिए जरूरी है कि ड्यूटी के दौरान सवारी वाहनों के चालकों को वर्दी और नेम प्लेट अनिवार्य हो। नियमों का पालन जरूरी है।

बिना वर्दी पहने आटो चलाता चालक।