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लकड़बग्घा का हमला

6 वर्ष पहले
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बुधवारकी शाम लकड़बग्घे ने एक युवक पर हमला कर दिया। लकड़बग्घा युवक को मेनरोड से घसीटकर जंगल में 400 मीटर तक अंदर ले गया। बाद में युवक लगभग डेढ़ घंटे बाद जंगल के बीच बेहोशी की हालत में मिला। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बालको अंतर्गत ग्राम भंटगाव निवासी चंदा सिंह (23) पिता कलेश राम गांव में ही रहने वाले अपने साथी शकुलाल नीलकमल (18) के साथ बाइक पर सवार होकर ग्राम गोड़मा में जनपद लाल के घर आयोजित विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इस बीच शाम 7.30 बजे के लगभग खुुंटामुड़ा पतरापाली के आगे जोगीशुरू पुल के पास बाइक बंद हो गई। तीनों सड़क किनारे ही बाइक में आई खराबी ठीक करने मंे जुटे थे।

इसी दौरान चंदा सिंह पर पीछे से एक लकड़बग्घे ने हमला कर दिया। बाइक को ठीक करने की कोशिश में लगे शकुलाल नील कमल कुछ समझ पाते कि लकड़बग्घा चंदा सिंह को जबड़े में दबोचकर घसीटते हुए जंगल में ले गया। जंगल में अंधेरा होने के कारण दोनों साथियों की भी हालत खराब हो गई। जंगल के भीतर कुछ दूर जाकर चंदा िसंह को खोजने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नही मिली। इसके बाद दोनों युवकों ने चंदा सिंह की तलाश के लिए राहगीरों की मदद ली। लगभग डेढ़ घंटे बाद मेन रोड से लगभग 400 मीटर जंगल के भीतर झाडि़यांे के बीच चंदा सिंह लहुलुहान बेहोशी की हालत में मिला। चंदा सिंह को इस हालत में देखकर लगा कि उसकी मौत हो गई है। लेकिन उसकी सांसे चल रही थी। किसी तरह संजीवनी 108 को संपर्क किया गया। इसके बाद उसे रात 12 बजे जिला अस्पताल लाया गया। लकड़बग्घे ने अपने पंजों से चंदा सिंह को बुरी तरह से घायल कर दिया है। उसके गर्दन,पीठ कमर के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आई हंै। उसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। इस घटना के बाद से चंदा सिंह काफी दहशत में है। होली का समय आते ही गांव किनारे जंगली जानवर पहुंचने लगते हैं। क्षेत्र में भालुओं का भी आतंक है। राहगीरों को अक्सर शिकार बनाते हैं।

छुड़ाने का मौका ही नहीं मिला, गर्दन में गंभीर चोट

चंदासिंह के साथी नीलकमल ने बताया कि बाइक खराब होने के बाद शकुलाल के साथ वह सुधार कर रहा था। वहीं चंदा िसंह पास मंे ही खड़ा था। अचानक जंगल से निकलकर सड़क पर आए एक बड़े लकड़बग्घे ने चंदा सिंह पर हमला किया और उसके गर्दन के पास कपड़े को जबड़े से दबाकर उसे घसिटते हुए जंगल में चला गया। घबराहट के कारण वे चंदा सिंह को जानवर के चंगुल से नहीं छुड़ा पाया।

वनविभाग ने दी 500 रुपए की आर्थिक सहायता

नीलकमलने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला भी मौके पर पहुंच गया था। वन विभाग की अोर से चंदा सिंह के उपचार के लिए 500 रुपए की तात्कालिक तौर पर आर्थिक सहायता दी गई है। आवश्कता पड़ने पर और राशि उपलब्ध कराने की बात विभाग ने कही है।

चंदा सिंह