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जांच में दोषी पाए जाने पर होगी एफआईआर

6 वर्ष पहले
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नवोदयस्कूल की घटना ने प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। तीसरे दिन कलेक्टर रीना बाबा साहेब कंगाले गुरुवार को स्कूल पहुंची और यहां के छात्राओं टीचिंग स्टाफ से जानकारी ली। उन्होंने जांच प्रभारी एसडीएम व्हीके पाटले से कहा कि जांच में अपराधिक कृत्य प्रमाणित होने पर वे एफआईआर दर्ज कराएं।

मंगलवार को नवोदय विद्यालय की छात्राएं आक्रोशित होकर प्रदर्शन पर उतर आई। उनका आरोप था कि प्राचार्य सी कन्नमा, नर्स सावित्री त्रिपाठी, पीटीआई सलोनी एक्का शिक्षिका अल्का नायक उनके साथ अभद्र व्यवहार करतीं है। उन्हें नाहक प्रताड़ित किया जाता है। बवाल मचने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। कटघोरा के एसडीएम विरेन्द्र कुमार पाटले ने मामले की वहां पहुंचकर जांच की। सलोनी एक्का अल्का नायक पहले ही छुट्‌टी पर चली गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद प्राचार्य सी कन्नमा नर्स सावित्री त्रिपाठी को भी प्रशासन ने अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया। प्राचार्य सी कन्नमा अपने केरल स्थित गृहग्राम चली गई है। वहीं नर्स सावित्री त्रिपाठी को स्कूल परिसर में ही स्थित घर में रहने कहा गया है। बोर्ड वार्षिक परीक्षा से ठीक पहले हुई इस घटना ने बच्चों की पढ़ाई पर खासा असर डाला है। पिछले तीन दिन से मामले की हकीकत जानने के लिए अधिकारियों का यहां आना-जाना जारी है। बच्चों के परिजन भी बड़ी संख्या में नवोदय पहुंच रहे हैं। हालांकि प्रशासन की सजगता से क्लास रेग्युलर चल रहे हैं। बयान के िलए ही छात्राओं को कुछ समय के लिए बुलाया जाता है।

गुरुवार की सुबह एसडीएम पाटले के साथ जांच दल सदस्य सीमा भारद्वाज डिप्टी कलेक्टर मेश्राम स्कूल परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने जांच कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए अन्य बच्चों का बयान दर्ज किया। इन बयानों को कलेक्टर कंगाले के पहुंचने पर सत्यापित कराया गया। यहां आए पालकों ने भी कलेक्टर को जानकारी दी।

कलेक्टर ने बच्चों उनके पालकों से कहा है कि इस मामले के दोषी लोगों को नहीं बख्शा जाएगा। यहां बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। बच्चे भी िबना भय संकोच के अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाएं। उन्होंने जांच दल के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी डीके कौशिक भी उपस्थित थे। इधर नवोदय विद्यालय के रायपुर मुख्यालय से आए प्राचार्य नीलम पाड़ी चांपा स्कूल के प्राचार्य डीके रावटे ने भी यहां पहुंचकर बुधवार को जांच की। वे अपनी रिपोर्ट विभाग को देंगे। विद्यालय संगठन ने भोपाल नवोदय विद्यालय के उप प्राचार्य तिवारी को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया है।

शेषपेज 14

वेसंभवत शुक्रवार को यहां आकर चार्ज लेंगे। सूत्रों के मुताबिक प्राचार्य सी कन्नमा, नर्स सावित्री त्रिपाठी, शिक्षक सलोनी एक्का अल्का नायक को निलंबित करने की अनुशंसा जांच रिपोर्ट में की गई है।

स्कूल निरीक्षण का यह हश्र

जिले में संचालित प्रायमरी से लेकर हायर सेकेण्डरी स्कूलों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई है। नवोदय विद्यालय में भी सीबीएसई पाठ्यक्रम संचालित है। लेकिन यहां पिछले कई साल से केवल छात्र-छात्राएं बल्कि टीचिंग स्टाफ प्रताड़ना सहने को विवश रहे। जिससे शिक्षा विभाग बेखबर रहा। इससे स्कूल निरीक्षण की हकीकत भी सामने गई है।

स्कूलों में प्रताड़ना का यह पहला मामला नहीं

स्कूलोंमें छात्र-छात्राओं को प्रताड़ित करने का नवोदय विद्यालय की घटना कोई पहली घटना नहीं है। अक्सर ऐसी घटनाएं ज्यादातर सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में होती रही है। पिछले दो तीन वर्षों के दरमियान तो शहर के ही दो स्कूलों में पालकों ने ही मोर्चा खोल दिया था। लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। बालको के एक बड़े स्कूल में भी पिटाई बच्चों के घड़ी समेत अन्य सामान पीटीआई द्वारा जब्त करने की घटना हो चुकी है। शिकायतें भी ज्यादा प्रताड़ना मिलने पर सामने आती है।

शिक्षा विभाग करता है जांच के नाम पर बहानेबाजी

शिक्षाके अधिकार कानून के तहत जिला प्रशासन जिला शिक्षा कार्यालय को जिले में संचालित सभी स्कूलों के निरीक्षण का अधिकार है। चाहे वह सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूल क्यों हो? आखिर यहां पढ़ने वाले बच्चे जिले के ही हैं और उन्हें भी राज्य केन्द्र की योजनाओं का लाभ पाने का अधिकार है। स्कूल का संचालन तय नियमों से ही करना है। ऐसे में यह कहना कि प्रायवेट सीबीएसई स्कूल प्रबंधन सुनता नहीं है, विभाग की कमजोरी को दर्शाता है।

अपराधप्रमाणित होने पर करेंगे एफआईआर

^गुरुवार को भी नवोदय विद्यालय पहुंचे जांच कमेटी के तीनों सदस्यों ने बच्चों के बयान दर्ज किए। जांच से संबंधित अन्य कार्रवाईयां पूरी की गई। कलेक्टर से जांच बयान को सत्यापित कराया गया है। उन्होंने निर्देशित किया है कि अपराध प्रमाणित होने पर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करावें। वीकेपाटले, एसडीएम कटघोरा