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12 फीसदी धान का नहीं हो सका उठाव

6 वर्ष पहले
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जिलेमें धान खरीदी की समय सीमा समाप्त होने के 13 दिन बाद 12 प्रतिशत धान अभी भी केन्द्रों में रखा हुआ है। गुरुवार को थोड़ी देर के लिए झमाझम बारिश हुई। लेकिन केन्द्रों से धान का उठाव ज्यादा हो जाने के कारण शेष बचे धानों को तिरपाल से ढंककर बचाने में कर्मचारी सफल हुए। अन्यथा खराब होने पर कार्रवाई की जांच उन पर गिरना तय था। अब तक 88 प्रतिशत धान का उठाव हो गया है।

किसानों से धान खरीदी का कार्य 31 जनवरी तक चला। इस बार 9 लाख क्विंटल से ज्यादा धान की खरीदी हुई है। यह लक्ष्य से ढाई लाख क्विंटल अिधक है। खरीदी समाप्त होने के 13 दिन के भीतर तक 88 प्रतिशत धान का उठाव होना केवल समितियों के लिए बल्कि मार्कफेड के लिए राहत की बात है। मिलर इस बार केन्द्रों से धान उठाने में काफी तत्परता बरत रहे है। अब केन्द्रों में बमुश्किल सवा लाख क्विंटल धान ही रह गए है। माना जा रहा है कि एक पखवाड़े के भीतर शत प्रतिशत धान का उठाव केन्द्रों से कर लिया जाएगा। कुछ केन्द्रों से शत प्रतिशत धान का भी उठाव कर लिया गया है। इनमें कटघोरा से 8440 क्विंटल, चिकनीपाली 35674.40 क्विंटल, तुमान 40556 क्विंटल, उमरेली 26447.20 क्विंटल, फरसवानी 18572 क्विंटल शामिल हैं।

गोदाम के बाहर चावल लेकर 50 से ज्यादा ट्रक कतार में

चावलजमा कराने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों के बाहर सिर्फ कोरबा में 50 से ज्यादा ट्रक कतार में है। कुछ ट्रकें पिछले सप्ताह भर से ज्यादा समय से अपनी बारी का इंतजार में है। इस दौरान सड़क पर यूं ही रहने के कारण चालक परिचालक को ही चौकीदारी करनी पड़ रही है। इसके अतिरिक्त 20 से ज्यादा ट्रकें तौल के बाद अनलोडिंग के लिए परिसर में खड़ी है।

इन केन्द्रों में उठाव औसत से कम, उतरदा में सबसे अधिक

केन्द्रशेष धान उठाव का (क्विंटल में) प्रतिशत

उतरदा 10761.60 73.4

कोरबी 13917 22.19

कोरकोमा 2359.70 89.12

पिपरिया 5319.60 30.37

चैतमा 4201.40 69.66

पसान 9445 54.64

मोरगा 1427.60 69.40

भैंसमा 6328.80 73.85

अखरापाली 3789.20 85.60

भिलाईबाजार 4929.20 55.76

श्यांग 6747.80 60.65

सिरमिना 6507 82.63

हरदीबाजार 5039 47.51

प्रमुखमार्ग होने के कारण दुर्घटना की आशंका

प्रमुखमार्ग होने के कारण कोसाबाड़ी, रिस्दी रोड में दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। एक साथ 50 से ज्यादा ट्रक सड़क पर रात-दिन खड़े होने के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। इस मार्ग से रात 9.30 बजे के बाद तो कोयला अन्य सामान लेकर सैंकड़ों ट्रेलर के दौड़ने का सिलसिला शुरू हो जाता है। ऐसे में छोटे वाहन या पैदल चलने वालों की परेशानी बढ़ जाती है। अच्छा होता इन ट्रकों को परिसर के भीतर ही तौल कराकर सुरक्षित पार्क करा दिया जाता। गोदाम के निकट ही अस्पताल पुलिस लाइन है। जहां आना-जाना लगा रहता है।

ट्रकों की लगी कतार।