दो शिक्षक सस्पेंड, 15 को नोटिस
जिला पंचायत के सीईओ रवि प्रकाश गुप्ता ने शनिवार को पाली ब्लाक के 15 से ज्यादा स्कूलों का निरीक्षण किया। ज्यादातर स्कूलों के आधे शिक्षक अनुपस्थित मिले। उन्होंने दो को संस्पेंड कर दिया और 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सीईओ गुप्ता ने घुईचुआ से लेकर उड़ान तक 45 किलोमीटर के बीच स्थित स्कूलों पंचायत के निर्माण कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान 15 से ज्यादा स्कूलों में भी वे औंचक पहुंचे। ज्यादातर स्कूलों के एक शिक्षक या शिक्षिकाएं अनुपस्थित मिले। अिधकांश स्कूलों में दो शिक्षक-शिक्षिकाएं ही पदस्थ है। यानी आधे शिक्षकों के नदारद मिलने को उन्होंने काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने बच्चों से भी इस संबंध में चर्चा की और शिक्षकों से विषयवार अध्यापन की जानकारी ली। उन्हें अव्यवस्था को लेकर जमकर फटकार भी लगाई। एकाएक उनके स्कूल में पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई थी। उपस्थित शिक्षक को अनुपस्थित स्टाफ के संबंध में बहानेबाजी करने का मौका तक नहीं मिला।
देर से आना, जल्दी जाना
ज्यादातरस्कूलों के बच्चों ने उन्हें शिक्षकों के देर से आने और जल्दी चले जाने की जानकारी दी। यानी सुबह 10 बजे के बाद शिक्षक स्कूल आते हैं और दोपहर 2 बजे के बाद से उनके जाने का क्रम शुरू हो जाता है। दो शिक्षक वाले स्कूलों में तो एक शिक्षक अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे में स्कूल 10 बजे खुलता है और 2 बजे बंद हो जाता है।
ब्लाकके अिधकारी नहीं करते निरीक्षण
स्कूलोंकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग आदिवासी विकास विभाग की है। ब्लाक में भी इन विभागों के अधिकारियों का कार्यालय है। सीईओ गुप्ता के निरीक्षण से यह तो तय हो गया है कि दोनों विभाग के अधिकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए जाते तक नहीं है। यही कारण है कि शिक्षा व्यवस्था चौपट होने के कगार पर है। लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं हो पा रही है।
6घंटे की ड्यूटी में कोताही ठीक नहीं
^शासनने सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक का समय स्कूल के लिए निर्धारित किया है। 6 घंटे की ड्यूटी भी अगर शिक्षक पूरी करने में कोताही बरतते हैं तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि बच्चों को पूरी गुण्वत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त हो सके। रविप्रकाशगुप्ता (आईएएस), सीईओ,जिला पंचायत
दो माह से शिक