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बिजली की मांग घटी, ठंड में ज्यादा दबाव नहीं

7 वर्ष पहले
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प्रदेशमें ठंड के कारण बिजली की डिमांड घटी है। हालांकि दबाव अब भी बना हुआ है। बिजली की मांग 2600 मेगावाट तक पहुंच रही है। लेकिन प्लांटों की हालत कुछ ठीक होने के कारण कंपनी को बहुत अिधक दबाव नहीं है। प्रदेश में मांग की अपेक्षा 200 मेगावाट तक बिजली की ज्यादा उपलब्धता बनी हुई है।

पहले बिजली की डिमांड अिधक थी। एक महिने पहले तक प्रदेश में बिजली की मांग 3200 मेगावाट से अिधक पहुंच रही थी। विभाग के अनुसार इस बार डिमांड लोड 3450 मेगावाट से ज्यादा पहुंच गया था। लेकिन मौसम में बदलाव के साथ ठंड की दस्तक के कारण बिजली की डिमांड में काफी अंतर आया है। पिछले एक सप्ताह से दिन में बिजली की मांग 2200 से 2400 मेगावाट के बीच है। ठंड के कारण बिजली की मांग में भी काफी गिरावट आयी है। वितरण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मौसम मे ठंडक के कारण लोड को लेकर बहुत ज्यादा परेशानी नहीं है। कोरबा पूर्व डीएसपीएम प्लांट की एक-एक यूनिट से उत्पादन बंद है। इन इकाईयों का रखरखाव जारी है। प्लांटों की हालत कुछ ठीक रहने के कारण बिजली की डिमांड को लेकर बहुत ज्यादा दबाव की िस्थति नहीं है।

रविवार को मांग की अपेक्षा 200 मेगावाट तक बिजली की ज्यादा उपलब्ता रही। मौसम बदलने प्लांटों की हालत ठीक रहने के कारण यह िस्थति बनी हुई है। हालांकि दूसरी अोर जनरेशन कंपनी के प्लांटों में कोयला को लेकर सुधार नहीं आया है। प्लांटों में कोेयला की कमी बनी हुई है। िजसके कारण प्रबंधन की चिंता बरकरार है। रविवार की देर शाम तक प्रदेश में बिजली की मांग 2600 मेगावाट तक थी। जबकि उलब्धता 2800 मेगावाट तक रही। जिससे प्रबंधन को थोड़ी राहत थी।

एक यूनिट में सुधार

राज्यपावर जनरेशन कंपनी के कोरबा पूर्व प्लांट की बंद एक यूनिट का सुधार हो गया है। वर्तमान में यहां एक यूनिट से ही बिजली का उत्पादन ठप है। वार्षिक रखरखाव के कारण 50 मेगावाट की एक यूनिट से फिलहाल उत्पादन बंद है। वर्तमान में यहां 50 मेगावाट की पहली यूनिट में सुधार हो जाने के बाद 280 मेगावाट की लोड पर बिजली बन रही है।

डीएसपीएम प्लांट।