सुरक्षा के लिए एक्सट्रा फेंसिंग
जिलाजेल परिसर इसके आसपास आमजन की आवागमन बढ़ने से जेल की सुरक्षा को खतरा हो गया है। इसके मद्देनजर जेल की एक्सट्रा कव्हरिंग के लिए दीवार से 10 मीटर की दूरी पर कंटीले तार की फेंसिंग लगाई जा रही है।
जिला जेल कोरबा संवेदनशील जेलों की सूची में शामिल है। इसके लिए जेल प्रशासन द्वारा यहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की कवायद की जाती है। पूर्व में सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल की ऊंचाई बढ़ाने, दीवार के ऊपर करंट प्रभावित तार मोबाइल जाम करने के लिए जैमर लगाया गया। जेल के भीतर बाहर चारों दिशाओं में हर गतिविधियों पर नजर रहे इसके लिए दो वॉच टावर बनाए गए। जहां चौबीस घंटे बटालियन के जवान तैनात रहते हैं। कुछ महिने पहले ही जेल के अंदर बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाकर जेल परिसर को तीसरी आंख की जद में लिया गया। इससे जेल के भीतरी बाहरी क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ गई।
लेकिन जेल की ऊंची बाउंड्रीवाल के ही करीब से आमजन के आवागमन होने की वजह से जेल की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा मानते हुए इसकी जानकारी प्रशासन को दी गई थी। जिसके बाद अब बाउंड्रीवाल के बाहर 10 मीटर की दूरी पर कंटीले तार की फेंिसंग का कार्य शुरू किया गया है। जेल के सामने के भाग को छोड़कर बाकी तीनों दिशाओं में फेंसिंग की जाएगी। फेंसिंग हो जाने के बाद बाहर से किसी तरह के सामान की अंदर पहुंच या बाहरी मदद नामुनकिन हो जाएगी।
डाइट गोकुलनगर तक आवागमन
जिलाजेल परिसर में जेल की एक ओर पुलिस लाइन स्थित है। जो पूरी तरह कंटीले तार की फेसिंग से घिरा हुआ है। वहीं जेल के पीछे जेल कालोनी है। इस कालोनी से सटकर डाइट (प्रशिक्षण संस्थान) स्थित है। डाइट तक जाने के लिए अलग से रास्ता नहीं बना है। इस कारण डाइट के प्रशिक्षक प्रशिक्षार्थी जेल के रास्ते से होकर जाते हैं। इसी तरह गोकुल नगर के खटाल व्यवसायी नई हाऊसिंग बोर्ड कालोनी के अधिकांश निवासी भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
पहलेगड्ढा खोदा गया था
करीब6 साल पहले जिला जेल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जेल परिसर में ऊंची दीवार के बाहर गहरा गड्ढा कराया गया था। लेकिन इसके बाद भी बाहर से बंदियों तक पीछे की ओर से फेंककर प्रतिबंधित सामान पहुंचने के मामले सामने आए थे। जेल के दोनों ओर वाॅच टावर बनने के बाद इस पर नियंत्रण लगा। बावजूद बाउंड्रीवाल के करीब से लोगों के आने-जाने की वजह से कभी भी प्रतिबंधित या किसी तरह का हथियार य