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बोनस पर नहीं बन सकी बात

7 वर्ष पहले
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क्षेत्रके ज्यादातर औद्योगिक संस्थानों में बोनस का निर्धारण कर दिया गया है। लेकिन बालको में एलान तो दूर बोनस के लिए ठीक से बैठक तक नहीं हो पाई है। एचआर हेड अमित जोशी ने सोमवार को सभी यूनियनों की बैठक बुलाई। लेकिन उनके पास इत्मिनान से पर्याप्त चर्चा करने तक का समय नहीं रहा। इस वजह से बात नहीं बन पाई है।

सोमवार को सुबह 8 बजे इंटक महासचिव एमआर नायक के साथ लगभग 16 प्रतिनिधि चर्चा करने के लिए पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक यहां उन्होंने प्रबंधन के समक्ष 15 प्रतिशत इंक्रीमेंट के साथ 5 प्रतिशत अतिरिक्त बोनस का प्रस्ताव रखा। प्रबंधन ने तर्क दिया कि प्लांट की स्थिति ठीक नहीं है। पावर प्लांट संचालन की अनुमति तक नहीं मिल पाई है। ऐसे में यूनियन का प्रस्ताव स्वीकार करना संभव नहीं है। इंटक प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनी का फायदा भी बढ़ते क्रम पर है।

वहीं कर्मचारियों की संख्या रिटायरमेंट वीआरएस के कारण लगातार घट रही है। मेन पावर काफी कम हो गया है। ऐेसे में ज्यादा फायदा होने के कारण पहले से कम कर्मचारियों को बोनस उनकी मांग के अनुरूप दिया जाना चाहिए। लेकिन एचआर हेड ने किसी मामले को लेकर राजधानी रायपुर जाने की बात कहकर चर्चा किसी और दिन करने का आश्वासन देकर उन्हें बैठक से विदा कर दिया। इसके बाद शेष अन्य 6 यूनियन के दो-दो प्रतिनिधि चर्चा करने के लिए पहुंचे। बैठक कक्ष में पहुंचते ही इन यूनियन के नेताओं का पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा था। सबसे पहले उन्होंने एतराज जताया कि उन्हें दो-दो प्रतिनिधियों के साथ चर्चा में शामिल होने के लिए कहा। जबकि इंटक के 16 प्रतिनिधि शामिल हुए हंै। प्रबंधन क्षेत्र में विवाद की स्थिति निर्मित करने का प्रयास कर रहा है।

प्रदेश में आईडी एक्ट लागू है और अभी बालको में प्रतिनिधि यनियन के लिए चुनाव तक नहीं कराया गया है। ऐसे में यूनियनों के साथ भेदभाव बरतना बिल्कुल भी उचित नहीं है। प्रबंधन ने किसी तरह उन्हें शांत कराया और 41 हजार रुपए बोनस का प्रस्ताव रखा। जिसे मानने से सभी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में इनकार कर दिया। बात बनता देख एचआर हेड ने कहा कि उन्हें कार्यवश रायपुर रवाना होना है इसलिए वे चर्चा लौटकर आने के बाद करेंगे।

एकजुटता का प्रयास शुरू

इंटकशेष 6 यूनियनों के बीच प्रबंधन की कार्यशैली के कारण मतभेद की स्थित