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आंदोलन से पीछे हटे श्रमिक संगठनों के कदम

7 वर्ष पहले
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कोलइंडिया में विनिवेश सहित अन्य मुद्दों को लेकर कोयला उद्योग में सक्रिय श्रमिक संगठनों ने 18 से 20 सितंबर तक वर्क टू रूल का ऐलान किया था। लेकिन सोमवार को प्रबंधन के साथ कुछ मुद्दों पर सहमति बनने पर श्रमिक संगठनों ने अपना आंदोलन आगे के लिए बढ़ा दिया है। श्रमिक संगठनों के इस फैसले को प्रबंधन का दबाव भी माना जा रहा है। फिलहाल एक दिन बाद कोयला उद्योग में होने वाला आंदोलन अभी नहीं होगा।

पिछले दिनों केद्र की आर्थिक मामलों की कैबिनेट ने कोल इंडिया सहित अन्य कंपनियों में विनिवेश को हरी झंडी दिखाते हुए हजारों करोड़ रुपए जुटाने के सरकार के प्रयासों की आेर संकेत कर दिया था। यह भी स्पष्ट हो गया है िक कोल इंडिया सहित कुुछ अन्य प्रमुख कंपनियों में अगले महिने से विनिवेश की प्रक्रिया गति पकड़ सकती है।

मुनाफे में चल रही कोल इंडिया के विनिवेश को लेकर श्रमिक संगठनों ने कड़ा रूख अपना लिया है। 18 से 20 िसतंबर तक वर्क टू रूल आंदोलन का एलान पहले ही कर दिया था। जिसकी तैयारी मंे तमाम श्रमिक संगठन जुटे हुए थे। कोयला उद्योग में सक्रिय पांचों प्रमुख संगठन इंटक, एटक, बीएमएस, सीटू, एचमएस की ओर से आंदोलन की तैयारी िकया जा रहा था। इंडियन नेशनल माइंस वर्क्स फेडरेशन ऑल इंडिया कोल वर्क्स फेडरेशन ने भी विरोध का स्वर बुलंद कर दिया था। कोल इंडिया में 2 लाख 89000 से अिधक सामान्य कोयला कामगार हंै। जिनके आंदोलन में शामिल होने से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन सोमवार को दिल्ली में मैनेजमेंट के साथ हुई श्रमिक संगठनों के पदािधकारियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि 18 से 20 सितंबर को होने वाला वर्क टू रूल आंदोलन को नहीं किया जाएगा। इसे लेकर श्रमिक संगठनों के पदािधकारियों का कहना है िक प्रबंधन से हमारी मांगों से जुड़ी कई प्रमुख मुददों पर चर्चा हुई है। कुछ विशेष मांगों पर सहमति की स्थिति में एक दिन बाद होनेे वाले आंदोलन को स्थगित करते हुए फिलहाल आगे के लिए टाल दिया है। भविष्य में अगर मांगों लेकर सरकार या प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखाती तो हर हाल में आंदोलन किया जाएगा।

जुटाएंगे 24 हजार करोड़ से अिधक की रािश

कोलइंडिया की अिधकृत पूंजी 8000 करोड़ रुपए से अिधक है। 10.35 फीसदी विनिवेश पहले ही हो चुका है। सरकार ने फिर से 10 फीसदी विनिवेश का मन बनाया है। ऐसा हो जाने के बाद कोल इंडिया की हिस्सेद