ग्रीन-रे का मुख्य एजेंट गिरफ्तार
ऊर्जानगरीमें करोड़ो रुपए की धोखाधड़ी करने वाली ग्रीन-रे कंपनी के स्थानीय मुख्य एजेंट मौलाना वली उल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले इस मामले में एक डायरेक्टर ब्रांच मैनेजर की गिरफ्तारी हो चुकी है।
राजधानी रायपुर, बिलासपुर, काेरबा समेत प्रदेश के 10 जिलों में करीब दो साल पहले ग्रीन-रे इंटरनेशनल कंपनी ने कारोबार शुरू किया था। इन जिलों में कंपनी ने बकायदा दफ्तर खोलकर बिजनेस शुरू किया। कंपनी का पैसा गोल्ड में लगने की बात कहते हुए निवेशकों का रकम निवेश किया गया। कंपनी में निवेश करने पर प्राफिट के जरिए रकम कई गुना अधिक मिलने की बात कही गई थी। शहर के घंटाघर के पास कंपनी का दफ्तर खुला था। यहां सैकड़ों की संख्या में लोगों ने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई जिंदगी भर की जमा पूंजी लगाई थी। निवेशकों मेंे लगभग शत-प्रतिशत मुस्लिम धर्म के थे। खासतौर पर उन्हें ही झांसे में लेने के लिए कंपनी ने प्राफिट वाली (ब्याज नहीं)स्कीम बनाई थी। शहर में करीब 6 माह तक कारोबार करने के बाद फरवरी 2014 में कंपनी भाग गई। प्रदेश के सभी जिलों को मिलाकर कंपनी ने अरबों की ठगी की। ऊर्जानगरी से लगभग 3 करोड़ से अधिक रकम लेकर कंपनी फुर्र हुई। जिले में हुए धोखाधड़ी के इस मामले में मई 2014 को रामपुर चौकी में धारा 420, 34 भादवि (एकराय होकर धोखाधड़ी करने) का जुर्म दर्ज किया गया। जिसमें कंपनी के डायरेक्टर मीर शहरूद्दीन, खालिक शाह, ब्रांच मैनैजर उत्तम बेहरा, एकाउंटेंट अनंत माझी, कम्प्युटर आपरेटर अभिमन्यु को नामजद आरोपी बनाया गया था। सभी आरोपी फरार हो गए थे। एसआईटी के अलावा राज्य स्तर की पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी। पुलिस टीम ने कंपनी के तीसरे डायरेक्टर आयूब शाह को अजमेर में भागते समय गिरफ्तार कर लिया था। इसी तरह कोरबा में ब्रांच मैनेजर रहे उत्तम बेहरा को उड़ीसा से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही थी। विवेचना के दौरान शहर के शिवाजी नगर निवासी और ग्रीन-रे कंपनी में स्थानीय मुख्य एजेंट रहे मौलाना वली उल्लाह की भूमिका सामने आई। जिसके आधार पर मंगलवार को रामपुर पुलिस ने मौलाना वली उल्लाह को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी पूर्व में दर्ज अपराध और धारा में ही की गई है। मौलाना के खिलाफ लंबे समय से पीड़ित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
मैं खुद ठगी का शिकार
मौलानावली उल्लाह ने अपनी गिरफ्तारी के बाद मामले में अपने को पाक साफ बताते हुए खुद भी ग्रीन-रे द्वारा ठगी का शिकार होना बताया है। मौलाना के मुताबिक शुरूआत में उसने खुद ही कंपनी के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। बाद में उसके खिलाफ ही गलत शिकायत कर इस फंसाया गया है।
मौलानाका था यह रोल
मौलानावली उल्लाह ने ग्रीन-रे कंपनी को शहर तक लाया। यहां उन्होंने घंटाघर स्थित निशा काम्पलेक्स में अपने गारंटी पर आफिस किराए में दिलाया था। जिसका प्रतिमाह 16 हजार रुपए किराया था। वही यहां कंपनी का कारोबार बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया। कई निवेशकों को उन्होंने कंपनी के नहीं भागने की गारंटी दी थी।
विवेचना के आधार पर गिरफ्तारी
^ग्रीन-रेकंपनी द्वारा शहर में की गई धोखाधड़ी के मामले में पुलिस विवेचना के आधार पर मौलाना वली उल्लाह की गिरफ्तारी की गई है। वह शहर में कंपनी के मुख्य एजेंट थे। लोगों को प्रलोभन और गारंटी देते हुए उन्होंने कंपनी में रकम निवेश कराया था। इस मामले में नामजद दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में बंद है। रफीकखान, प्रभारी रामपुर चौकी
लोगों की गाढ़ी कमाई डूबो दी
शहरसे ग्रीन-रे कंपनी के पीड़ितों में शामिल हाजी इकबाल दयाला इस मामले में कार्रवाई के लिए आगे रहे। उन्होंने बताया कि मौलाना वली उल्लाह की गिरफ्तारी से पीड़ितों को हल्की राहत मिली है। मौलाना ने लोगों को गुमराह करते हुए कंपनी की ओर से गारंटी लेने की बात कहते हुए उनकी गाढ़ी कमाई कंपनी में लगवाई।
दो डायरेक्टर अब भी फरार
ग्रीन-रेके तीन डायरेक्टर में से आयूब शाह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जो रायपुर के जेल में बंद है। ब्रांच मैनेजर उत्तम बेहरा कोरबा जेल में है। वही दो अन्य डायरेक्टर मीर शहरूद्दीन, खालिक शाह समेत आरोपी एकाउंटेंट अनंत माझी कम्प्युटर आपरेटर अभिमन्यू अब भी फरार है। जिनकी राज्य पुलिस पतासाजी कर रही है।
इनकमका जरिया नहीं बता रहा मौलाना
ग्रीन-रेमें मौलाना और उनकी प|ी के नाम से लगभग 35 लाख रुपए निवेश होने के संबंध में मौलाना इनकम का जरिया नहीं बता रहे हैं। पुलिस को उक्त रकम में आधे से ज्यादा रिश्तेदारों के होने की बात उनके द्वारा कही जा रही है। हालांकि इतनी बड़ी रकम रिश्तेदारों द्वारा दंपत्ति के नाम से जमा किए जाने की बात पर पुलिस को भरोसा नहीं हो रहा है।
मौलानाके सभी बैंक खाते सील किया पुलिस ने
रामपुरपुलिस के मुताबिक पूर्व में मौलाना वली उल्लाह के खिलाफ आरोप लगने के बाद उच्चअधिकारियों के निर्देश पर सभी बैंक को पत्र जारी कर उनके नाम से जारी सभी खातों की जानकारी ली गई। जिसके बाद उनके बैंक खातों को सील कर दिया गया है। उक्त खातों में हुए ट्रांजेक्शन के संबंध में एसआईटी जांच कर रही है।
निवेशकोंकी प्राफिट को भी कर दिया निवेश
पीड़ितोंकी माने तो अपने स्तर पर उन्होंने जो पतासाजी की है उसके मुताबिक मौलाना वली उल्लाह शहर में ग्रीन-रे कंपनी का मुख्य एजेंट था। कंपनी द्वारा निवेशकों को मिलने वाली प्राफिट सीधे उसे भेजा जाता था। लेकिन निवेशकों को प्राफिट बांटने के बजाए मौलाना ने स्वयं और अपनी प|ी के नाम से अलग-अलग स्कीम में लगभग 35 लाख रूपए लगाया था।
ग्रीन रे का संचालक आरोपी मौलाना वली उल्लाह।