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अब कैबिनेट की बैठकों पर टिकी अिधकारी एसोसिएशन की निगाह
कोलमाइंस ऑफिसर एसोसिएशन पीआरपी, पेंशन सहित दूसरे मांगों को लेकर अभी भी संघर्ष कर रहा है। पूर्व में किए गए आंदोलन का भी कोई परिणाम सामने नहीं सका है। आश्वासन के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई है, जिसे लेकर अधिकारियों में नाराजगी है। संगठन के सदस्य पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी निगाह अब कैबिनेट की होने वाली बैठकों पर रहेगी।
पूर्व में कोल माइंस आफिसर एसोसिएशन ने पीआरपी, पेंशन, वेतन विसंगति, प्रमोशन सहित अन्य मांगों को लेकर आवाज बुलंद किया था। अिधकारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी आंदोलन किया था। कोयला उद्याोग के लगभग 24 हजार अधिकारियों ने हड़ताल कर दिया था। इससे प्रबंधन के होश जरूर उड़े लेकिन फायदा कुछ नहीं हुआ। आश्वासन के बाद मामला फिर शांत हो गया।
प्रबंधन सरकार के आश्वासन पर अिधकारी संघ के पदाधिकारियों ने आंदोलन से हाथ पीछे खींच लिया था। इसके बाद से स्थिति जस की तस बनी हुई है। अिधकारी संघ के मुताबिक पीआरपी, पेंशन अन्य मांगों से जुड़े मुददे वर्तमान में मंत्रालय स्तर पर विचारधीन है। यही कारण है कि उनकी निगाह कैबिनेट की बैठकों की ओर है। हालांकि अिधकारी यह बताने की िस्थति में नहीं है कि आखिर मांगंे कब तक पूरी होगी। इसे लेकर कोयला उद्योग में कार्यरत अधिकारियों में निराशा की स्थिति है।
प्रमोशन वेतन विसंगति का मुददा प्रमुख
अधिकारीसंघ के लिए पीआरपी पेंशन के मुददे के अलावा ई-1, ई-2, ई-3 ग्रेड के लिए प्रमोशन वेतन विसंगित का मसला भी महत्वपूर्ण है, लेकिन सभी मांगे पेडिंग है। 2013 मे ई-6 ई-7 ग्रेड के लिए प्रमोशन हुआ था। लेकिन तब प्रमोशन पॉलिसी को बदलते हुए सीनियरिटी कम मेरिट के स्थान पर, मेरिट कम सीनियरिटी के अनुसार प्रमोशन किया गया था। जिसमें लगभग 900 अधिकारी प्रमोशन पाने से वंचित हो गए थे। कुछ अिधकारी इस मामले को कोर्ट तक भी लेकर गए थे। जूनियर अधिकारियों की डिमांड रही है कि प्रबध्ंन को पॉलिसी में फिर से बदलाव करते हुए प्रमोशन सीनियरिटी कम मेरिट आधार पर करनी चाहिए। इसके बाद कोल इंडिया में जब ई-4 से ई-5 ग्रेड के लिए भी जब पदोन्नति दी गई। उसमें कुछ विभागों के अधिकारी प्रमोशन से वंचित हो गई थे। जो प्रमोशन की मांग पर अड़े थे।
संगठन की टकराहट भी रही कारण
पूर्वमें कोल माइंस ऑफिसर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच टकराहट खुलकर सामने चुकी है। संगठन के मध्य पद