कोयला मजदूर संघ इंटक में जारी घमासान, अब आरोप-प्रत्यारोप
भास्कर संवाददाता | कोरबा-दीपका
कोयला मजदूर संघ इंटक में इन दिनों विवाद छिड़ा हुआ है। संगठन के पदाधिकारी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हंै। साधारण सभा की बैठक को लेकर संगठन के दोनों बडे़ पदाधिकारी आपस में भिड़ गए हैं। अब दोनों एक दूसरे को संगठन से बाहर होने का रास्ता दिखाने लगे हंै।
साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (इंटक) के अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने 3 फरवरी को विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया था कि संगठन के महामंत्री पीके राय की ओर से बुलाई गई बैठक अवैधानिक है। उन्होंने सदस्यों से इस बैठक में शामिल नहीं होने आग्रह किया था। इसके बाद 8 फरवरी को गोपाल नारायण सिंह ने बैठक आयोजित की थी। सिंह ने आरोप लगाया है कि पीके राय संगठन की कार्रवाईयों को लेकर अपनी मनमानी करते आ रहे हैं। इसलिए सदस्यों ने उनके निष्कासन का प्रस्ताव भी पारित किया है। इसके बाद अब संगठन के महामंत्री पीके राय ने बयान जारी कर कहा है कि उनकी ओर से आहूत बैठक किसी तरह से अवैधानिक नहीं है। बल्कि गोपाल नारायण सिंह की ओर से 8 फरवरी को बुलाई गई बैठक ही नियम विरूद्ध है। संगठन विरोधी गतिविधियों के कारण गोपाल नारायण सिंह व संपत शुक्ला को ही निष्काषित कर दिया गया है। इस आश्य का पत्र पंजीयक व्यवसायिक संघ छत्तीसगढ़ को प्रेषित कर दिया गया है। संगठन के दोनों नेता सदस्यों से आग्रह कर रहे हंै कि वे किसी झांसे में न आएं और भ्रम में न रहंे।
पीके राय
गोपाल नारायण