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जिपं में कब्जा जमाने भाजपा ने कसी कमर

6 वर्ष पहले
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जिलानिर्वाचन कार्यालय ने जिला पंचायत जनपद पंचायतों में अध्यक्ष उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए अपने अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दे दिया। 13 फरवरी को निर्वाचन की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही भाजपा के साथ कांग्रेस नेताओं की धड़कन भी तेज हो गई है। बहूमत के बाद भी कांग्रेस के पाले में जहां खोने का डर है, वहीं अल्प मत वाली भाजपा को पाने की उम्मीद है।

निर्वाचन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। दोनों ही दल के नेता जीत के लिए कमर कस चुके हैं। अपने-अपने स्तर पर प्रयास भी तेज कर दिए है ताकि हर हाल में जीत उनके हिस्से में भी आए। परिणाम पर नजर डाला जाए तो कांग्रेस का अध्यक्ष उपाध्यक्ष बनना तय लगता है। लेकिन गुटीय राजनीति के हिसाब से आंकलन किया जाए तो जीतकर आए सात सदस्य चार गुटों में विभाजित है। सबसे आगे रामपुर विधायक श्यामलाल कंवर है। जिन्होंने अपने तीन समर्थकों को एड़ी-चोटी का जोर लगाकर जीत दिलाई है। इस जीत का सारा श्रेय विधायक को है क्योंकि संगठन उनके साथ नहीं था। वहीं दूसरे क्रम पर पूर्व विधायक पार्टी के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष बोधराम कंवर प्रभावशाली रूप से एक बार उभरे है। उनकी नाती बहू मीरा रामशरण को केवल भाजपा से बल्कि तीन बार जिला पंचायत सदस्य रहे कांग्रेस के ही दिग्गज मदन राठौर से कड़ी चुनौती मिली थी। इसके बाद भी जीत का सेहरा अपने नाम किया। इसी तरह बोधराम के समर्थन से ही रोहिणी रजक ने क्षेत्र क्रमांक 5 में सर्वाधिक 17 हजार मतों से जीत दर्ज की। विधायक रामदयाल उइके जयसिंह अग्रवाल के प्रयास से उनके एक-एक समर्थक जीतने में सफल हुए। उइके के क्षेत्र से एक मात्र किरण कुजूर ने जीत हासिल की है। वहीं दो में भाजपा और एक में गोंगपा ने अपना प्रभाव दिखाते हुए जीत दर्ज की। जयसिंह अग्रवाल ने अजय जायसवाल के पक्ष में मैदान में उतरकर प्रचार-प्रसार किया। लेकिन प्रभा मदन राठौर के प्रति भी उनका विरोध नजर नहीं आया। मदन राठौर उनके समर्थक माने जाते हैं।

जरासी चूक से फिसल जाएगी जीत : कांग्रेसके सात सदस्य जीतकर आए है। ऐसे में अध्यक्ष उपाध्यक्ष तो कांग्रेस का ही होना चाहिए। लेकिन गुटीय राजनीति के चलते जीत कोसों दूर नजर रही है। इसी पर नजर भाजपा की टिकी हुई है। बोधराम श्यामलाल को अध्यक्ष या उपाध्यक्ष में से एक पद चाहिए। यह उनकी जायज अधिकार भी कहा जा सकता है। इनमें से एक भी नाराज हुए तो कांग्रेस की जीत से चूक जाना तय है। वहीं अजय जायसवाल को भी नाराज करना भारी पड़ सकता है।

डर के आगे भाजपा की जीत

भाजपाकी स्थिति एक होर्डिंग के विज्ञापन डर के आगे जीत है जैसी बन गई है। पार्टी के नेता कांग्रेस के टूट पर नजर रखे है। बगावत या टूट हुई तो वे लपकने में पीछे नहीं रहेंगे। इसी वजह से वे डरते हुए भी जीत की उम्मीद बनाए रखे हैं। कांग्रेस के सदस्यों से लगातार संपर्क में भी वे जुटे हैं ताकि मौका समर्थन मिला तो भाजपा के अध्यक्ष बगावत करने वाले को उपाध्यक्ष बना सके।

खरीद-फरोख्त भी तय

अध्यक्षके लिए बहुमत से पीछे होने के बाद भी एक सदस्य ने चार पहिया वाहन समर्थन के एवज में देने का ऐलान किया है। वहीं दाेनों दलों में भी लेन-देन की चर्चा होना भी इसलिए स्वाभाविक है क्योंकि प्रत्याशियों ने बड़ी रकम खर्च कर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता है। ऐसे में उनकी इच्छा है कि कुछ रकम अब उन्हें अपने मतदान के एवज में मिल जाए। हालांकि इस संबंध में औपचारिक तौर पर तो कोई कुछ नहीं कह रहा है।

आंकड़ा कांग्रेस के पक्ष में

दलसंख्या

कांग्रेस 7

भाजपा 4

गोंगपा 1

नोट: पंचायतचुनाव के प्रत्याशियों को पार्टी ने समर्थन जारी किया था।

चारों गुटों में महत्वाकांक्षा की कमी नहीं

कांग्रेसके तीनों विधायक एक पूर्व विधायक हर हाल में चाहते हैं कि अध्यक्ष नहीं तो उपाध्यक्ष का पद तो उनके समर्थक को ही मिलना चाहिए। भाजपा श्यामलाल के तीन, बोधराम के दो, रामदयाल उइके जयसिंह के एक-एक सदस्य पर नजर जमा रखा है। कोई तो गुट होगा जो नाराज होकर पर्दे के पीछे भाजपा की नैय्या पार कर दे।

कांग्रेस से ही होंगे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष

^कांग्रेस के निर्वाचित सदस्य पूरी तरह से एकजुट है। किसी तरह की नाराजगी नहीं है। योजनाबद्ध सर्वसम्मति से अध्यक्ष उपाध्यक्ष के प्रत्याशी तय किए जाएंगे और सभी के मत भी उन्हें मिलना तय है। पर्यवेक्षक से चर्चा के बाद पता चलेगा कि वे कब आकर बैठक लेंगे। भाजपा में टूट दिख रही है। जाने पार्टी किस लाइन पर कार्य करेगी। हरीशपरसाई, ग्रामीण जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

रोहिणी को मिली सबसे बड़ी जीत

क्षेत्रक्र. जीते निकटतम प्रतिद्वंदी जीत का अंतर

1 शकुंतला कंवर हरीश कंवर 3601

2 उमा देवी पन्ना कौशिल्या खूंटे 2726

3 पुष्पा कंवर ज्योति राठिया 14421

4 कौशल्या जायसवाल अनुसुईया राठौर 2359

5 रोहिणी रजक अनिता राज 17186

6 अजय जायसवाल केदारनाथ अग्रवाल 110

7 मीरा रामशरण प्रभा मदन राठौर 3806

8 धनेश्वरी सिंद्राम ममता मरकाम 6908

9 देवी सिंह टेकाम मोहितराम केरकेट्‌टा 811

10 किरण कुजूर अविंदा मरकाम 7077

11 राय सिंह मरकाम प्रहलाद बिंझवार 2861

12 अनिता सिंह कमली सिंह कोर्राम 1400

जिला पंचायत कार्यालय।