हवन कुंड में दी गई बुराई की आहूति
चेकपोस्ट भदरापारा में सात दिवसीय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नेतृत्व में संगीतमय आध्यात्मिक भागवत कथा का समापन हुआ। समापन अवसर पर हवन कुंड में तिल जौ आदि हवन सामग्री के स्थान पर लोगों ने अपने अंदर की एक बुराईयों को चिट में लिखकर आहूति दी।
कथा में शामिल महापौर रेणु अग्रवाल ने कहा कि वे भी प्रभु की संतान हैं। जिनके आशीर्वाद से ही यहां तक पहुंची हूं। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी की मुख्य प्रवक्ता विद्या बहन ने कहा कि प्रभु तो प्रेम का सागर हैं वे सभी प्राणी से प्रेम करते हैं। किसी भी समय उसे किसी भी भाषा में याद कर अपनी फरियाद कर सकते हैं। ईश्वर तो सिर्फ एक प्रेम भावना की भाषा ही समझते हैं। यदि आप भी सभी ईश्वर को पाना चाहते हैं तो एक ही प्यार की भाषा सीख लीजिए।
ब्रह्मकुमारी रुकमणी ने कहा कि आत्मा तो अविनाशी है लेकिन पाप पुण्य की कहानी उससे जुड़ी हुई है। इस भागवत कथा सुनने का सार यही है कि जब हम अपना जीवन पुण्य कार्यों से जोड़ें तो उसकी प्रेरणा दूसरों को भी दें। इस अवसर पर पार्षद देवी दयाल सोनी सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे। तीन दिन तक चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।