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प्रताड़ना, नवोदय प्राचार्य नर्स हटाए गए

6 वर्ष पहले
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कटघोराब्लाक मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर सलोरा में संचालित नवोदय स्कूल के प्राचार्य नर्स के खिलाफ छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर प्रभारी एसडीएम विरेन्द्र पाटले, डिप्टी कलेक्टर मेश्राम साक्षरता मिशन की डीपीओ सीमा भारद्वाज की टीम जांच करने के लिए स्कूल पहुंची। मामले की जांच करने के बाद नवोदय संस्था ने प्राचार्य एक नर्स को छुट्‌टी पर भेजने का आदेश नवोदय मुख्यालय द्वारा जारी कर दिया गया है। वहीं दो अन्य शिक्षिकाओं के अवकाश पर होने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई बाद में की जाएगी। बच्चों ने जो आरोप लगाया है उसे काफी गंभीर श्रेणी का माना जा रहा है। इस मामल की जांच करने मुख्यालय से दो सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई है।

जिला मुख्यालय के अस्थाई भवन से स्कूल को जब से सलोरा स्थित भवन में शिफ्ट किया गया है तब से यहां की परेशानी शुरू हुई है। जो समाप्त हाेने का नाम तक नहीं ले रही है। फिर भी बच्चों ने हमेशा स्कूल प्रबंधन का सहयोग किया। लेकिन इस बार प्राचार्य, नर्स कुछ शिक्षिकाओं की प्रताड़ना से तंग आकर बच्चों ने गांधीगिरी कर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने हाथ में तख्ती ले रखा था जिसमें लिखा है-वी डोन्ट वांट सॉरी, वी वांट जस्टिस, यह बच्चों की पीड़ा को दर्शाने के लिए पर्याप्त है। स्कूल परिसर में ही 150 छात्राएं पिछले दो दिन से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने खाना का भी त्याग कर दिया। लेकिन प्रबंधन अन्य शिक्षकों की समझाइश के बाद वे यहां का खाना खाने को तैयार हुए। पहले तो प्रबंधन अपने स्तर पर मामला सुलझाने का प्रयास किया। बच्चों ने भी कोई बड़ा हंगामा नहीं किया। समाधान नहीं होने पर मामले की जानकारी प्रशासन तक पहुंची। एसडीएम पाटले मंगलवार को स्कूल पहुंचे और उन्होंने सबसे पहले टीचिंग स्टाफ से चर्चा की। उसके बाद उन्होंने बच्चों को समझाने के लिए उसे पास पहुंचे। बच्चों ने साफ लहजे में कहा कि वे प्राचार्य सी कन्नमा नर्स सावित्री त्रिपाठी और पीटीआई सलोनी एक्का शिक्षिका अल्का नायक को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके बिना से अपना विरोध बंद नहीं करेंगे। उनकी जिद को महसूस कर एसडीएम ने जब सभी पहलुओं को खंगाला तब उन्होंने बच्चों की शिकायत सही पाई और प्राचार्य नर्स त्रिपाठी को फोर्सली लीव पर जाने का आदेश जारी कर दिया। वहीं दो अन्य के खिलाफ उनके अवकाश से लौटने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

छुट्‌टी पर भेजे गए प्राचार्य, एसके सोनवानी को दिया गया प्रभार

^बच्चों के आरोपों की जांच की गई। शिक्षण संस्थान में इस तरह की स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए। बच्चों प्राचार्यों के साथ अन्य स्टाफ से भी चर्चा की गई। उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को दी गई है। स्कूल के उच्च प्रबंधन को भी इस संबंध में अवगत कराकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद उन्होंने प्राचार्य नर्स को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया है। विरेन्द्रकुमार पाटले, एसडीएम जांच अिधकारी

बच्चों के साथ स्ट्रीक्ट होना जरूरी

^घरके एक दो बच्चों को संभालने के लिए भी माता-पिता को थोड़ी कड़ाई बरतनी पड़ती है। यहां तो सैंकड़ों बच्चे रहते हैं। उनके अनुशासन बनाए रखने के लिए थोड़ा स्ट्रीक्ट होना तो जरूरी है। इस स्ट्रीक्ट को बच्चों ने प्रताड़ना मान लिया। किसी तरह की अश्लील हरकत मारपीट का आरोप गलत है। सीकन्नमा, प्राचार्य नवोदय विद्यालय सलोरा

संडे की घटना से आंदोलित हुए बच्चे

एकछात्रा ने अपने लिखित बयान में बताया कि 8 फरवरी को प्रिंसीपल सी कन्नम ने उन्हें अपने कमरे में बुलाकर शारीरिक अश्लील हरकत की। बाद में उन्होंने यहां के एक कर्मचारी को भी अपने कमरे में बुलवाया और उनके सामने छात्रा के कपड़े भी उतारने का प्रयास की। विरोध करने पर प्राचार्य ने अपने साथ बदसलूकी का आरोप लगाकर चुप करा दिया। इस घटना की जानकारी होने के बाद छात्राओं का आक्रोश बढ़ गया।

सालोंसे चल रहा यह प्रताड़ना

प्रताड़नाका यह सिलसिला कोई नया नहीं, बल्कि लंबे समय से छात्राएं अभद्रता की शिकार हो रही हैं। गाली गलौच, यौन प्रताड़ना, अश्लील फब्तियां मारपीट इनके साथ जैसे नीयति ही बन गई है। बच्चों ने पिछले दो साल के दौरान प्रभावी विरोध भी किया तो सॉरी कहकर मामले को सुलझा लिया गया। लेकिन इस बार बच्चों ने प्रताड़ित करने वाली प्राचार्य शिक्षिकाओं को हटाने की जिद पर ही अड़ गए थे।

टीचिंगस्टाफ भी नाराज

प्राचार्यउनके करीबी स्टाफ की प्रताड़ना से ज्यादातर टीचिंग स्टाफ काफी नाराज हैं। स्कूल सूत्रों के मुताबिक कुछ कर्मचारियों की तो इन्होंने कई बार पिटाई भी कर दी है। प्राचार्य कन्नम ने तो डंडे लेकर स्वयं ही कर्मचारियों को मारने के लिए अनेक बार दौड़ाया है। गाली गलौच करना तो अब रोज की बात हो गई है। इस वजह से टीचिंग स्टाफ का प्रताड़ित वर्ग एकजुट हाेने को विवश हो गए हैं।

भोपालसे अाएगी जांच टीम

इसमामले की जांच के बाद जो तथ्य सामने आया है उसे प्रशासन ने काफी गंभीरता से लिया है। तत्काल स्कूल के रिजनल अाफिस को पूरी जानकारी भेजकर प्राचार्य एक अन्य को अवकाश पर भेजने का आदेश जारी किया। एसके अनंत को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। रिजनल आफिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भोपाल से दो सदस्यीय जांच टीम आएगी। माना जा रहा है कि वे जल्दी ही यहां आकर अपना प्रभार संभाल लेंगे।

जवाहर नवोदय विद्यालय, हाथ में तख्ती लिए प्राचार्य के खिलाफ आंदोलन करती छात्राएं।

बच्चों का बयान दर्ज करते जांच समिति के सदस्य, एसडीएम वीके पाटले ने जानी हकीकत।