हाथी के बच्चे की माैत
वन परिक्षेत्र करतला के मदवानी (रामपुर) जंगल में हाथी के डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पशु चिकित्सक ने मौत का कारण लीवर में बीमारी को बताया है। वन विभाग के अमले ने पीएम के बाद शव को जंगल में ही दफना दिया। इस वर्ष हाथी की यह चौथी मौत है।
वन मंडल में पिछले दो माह से अलग-अलग झुंड में लगभग 70 से अिधक हाथी विचरण कर रहे हैं। धान की फसल को नुकसान पहुंचाने से ग्रामीण भयभीत हैं। करतला परिक्षेत्र के रामपुर के आसपास हाथियों का झुंड विचरण कर रहा था, जिसमें बच्चे भी हैं। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने ग्राम मदवानी के समीप सड़क किनारे हाथी के बच्चे का शव देखा। इसकी सूचना वन अमले को दी गई। सूचना मिलने पर एसडीओ मयंक पांडेय अमले के साथ पहुंचे। पशु चिकित्सक करतला ने मौक पर ही हाथी का पोस्टमार्टम किया। उन्हाेंने शार्ट पीएम रिपोर्ट में हाथी की मौत लीवर की बीमारी से होना बताया है। लंबे समय से हाथी का बच्चा बीमार था। इसी कारण उसकी मौत हो गई। मौके पर शव को दफना दिया गया।
वर्ष स्थान परिक्षेत्र कारण
2002करेला पहाड़ कुदमुरा स्वाभाविक
2003 श्यांग कुदमुरा करंट से
2005 केरवाद्वारी करतला स्वाभाविक
2008 कोटमेर करतला पहाड़ी से गिरकर
2010 - कुदमुरा करंट से
2014 तराईमार कुदमुरा इन्फेक्शन से
2014 कोल्गा पसरखेत चोट लगने से
2014 तौलीपाली कुदमुरा ठंड से
2014 मदवानी करतला बीमारी से
अब तक 9 हाथियों की मौत
लीवर में खराबी से मौत
^हाथीके बच्चे की मौत पशु चिकित्सक ने बीमारी से होना बताया है। वह डेढ़ वर्ष का था। दूध पीने के साथ ही चारा खा रहा था। जांच के लिए बिसरा पिजर्व कर लिया गया है। मयंकपांडेय, एसडीओवन