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दड़बे में चल रहा स्पेशल ब्रांच

7 वर्ष पहले
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प्रदेशसरकार के लिए अहम सूचना जुटाने वाले खुफिया विभाग स्पेशल ब्रांच (एसबी) का दफ्तर दड़बे जैसे (छोटे कमरों) में चल रहा है। इस कारण ब्रांच में तैनात कर्मचारियों को भी कार्य के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं ब्रांच का कार्य भी प्रभावित होता है।

प्रदेश सरकार के लिए सीधे गोपनीय सूचना जुटाने हर जिलों में खुफिया िवभाग की स्पेशल ब्रांच (एसबी) गठित है। जिले में भी इस ब्रांच का दफ्तर है लेकिन वर्षों से यह उपेक्षित है। तो ब्रांच के दफ्तर के लिए प्रर्याप्त जगह है और ही स्टाफ और संसाधन भरपूर है। व्यवस्था के तहत गोपनीय सूचना के संकलन का कार्य यहां चल रहा है। दरअसल स्पेशल ब्रांच का दफ्तर जिस दो कक्ष वाले भवन में चल रहा है वह दड़बे की तरह है।

दो कमरों में से एक में ब्रांच प्रभारी बैठती हैं और दूसरे में ब्रांच के अन्य स्टाफ बैठते हंै। इसी कमरे में फोटोकापी, प्रिंटर अन्य संसाधन भी लगे हैं। ब्रांच के स्टाफ जब फिल्ड में रहते हैं तब तक ब्रांच का दफ्तर खाली रहता है, लेकिन सभी कर्मचारियों के फिल्ड से लौटते ही दफ्तर में उनके बैठने के लिए प्रर्याप्त स्थान नहीं रहता है। वही स्टाफ की मौजूदगी में संसाधन का उपयोग करना भी कष्टदायक होता है। ब्रांच के स्टाफ इन सब परेशानी के बीच कार्य करने को मजबूर है।

गर्मी के मौसम में दफ्तर में स्टाफ का हाल बेहाल हो जाते हैं। ऐसे हालात में भी काम करते हुए सरकार के लिए अहम गोपनीय सूचना जुटाने वाले विभाग को सर्वसुविधायुक्त दफ्तर नसीब नहीं हो रहा है।

टेलीफोनिकसंकलन के भरोसे

स्पेशलब्रांच में एक प्रभारी इंस्पेक्टर, एक-एक एसआई, एएसआई तीन आरक्षक मौजूद हंै। इतने में जिले के सभी कोने-कोने में जाकर िफल्ड की ड्यूटी करते हुए सूचना जुटाना अासान नहीं है। इसलिए ब्रांच के कर्मचारी विशेष मौके पर ही दूर-दराज जाते हैं। बाकी समय वह टेलीफोनिक सूचना संकलन पर ध्यान देते हैं। हालांकि शहरी-उपनगरीय क्षेत्र में घटना-दुर्घटना, थाना या कार्यालय घेराव, धरना, प्रदर्शन या चक्काजाम समेत तनाव की स्थिति निर्मित होती है तो ब्रांच के कर्मचारी रिर्पोिटंग के लिए वहां जरूर पहुंच जाते हैं।

डीएसबी भी एक कमरे में चल रही

राजनीतिक पर ज्यादा ध्यान

एकसाल के दौरान लोकसभा, विधान सभा चुनाव और वर्तमान में निकाय चुनाव होने की वजह से स्पेशल ब्रांच का ज्यादा ध्यान राजनीतिक क्षेत्र के