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विद्युत सब-स्टेशन के आपरेटरों ने किया कामबंद हड़ताल
बिजलीसब-स्टेशनाें में कार्यरत आपरेटरों ने बोनस, ईपीएफ वेतन के मुददे को लेकर सोमवार को कामबंद हड़ताल कर दिया। पिछले दो वर्ष से बोनस का भुगतान नहीं होने से आपरेटरोंे में नाराजगी है। इसी तरह कर्मचारियों के ईपीएफ राशि से जुड़ी जानकारी आपरेटरोें को नहीं दी गई है।
विद्युत वितरण विभाग जिले के विद्युत सब स्टेशनों का संचालन ठेका माध्यम से करता है। इन सब-स्टेशनों में कार्यरत ठेका आपरेटरों की हमेशा शिकायत रही है कि उनको समय पर वेतन नहीं मिलता। आपरेटरों ने बताया कि पिछले दो वर्ष से बोनस का भुगतान नहीं किया गया है। इसी तरह ईपीएफ को लेकर भी िस्थति स्पष्ट नहीं की गई है। ठेकेदार विभाग से सही जानकारी नहीं दी जा रही है। शिकायतों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। जिसे लेकर आपरेटरों में आक्रोश व्याप्त है। पिछले दिनों आपरेटरों से जुड़ी समस्या उनकी मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध भारतीय संविदा मजूदर महासंघ ने 7 दिसंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर 8 दिसंबर से कामबंद हड़ताल का ऐलान किया था। इसके तहत साेमवार को आपरेटरों ने काम बंद कर दिया। आपरेटरों के काम पर नहीं आने से विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। काम बंद किए जाने के बाद सोमवार की शाम आपरेटरों की प्रबंधन की अधिकारियोंे के साथ बैठक हुई, जिसमें अिधकारियों ने आपरेटरों को काम पर लौट आने के लिए कहा है। सब-स्टेशन के आपरेटरों को लगभग 4200 रुपए प्रतिमाह वेतन का भुगतान किया जाता है। एक आपरेटर ने बताया एक ओर जहां उनको कम वेतन का भुगतान किया जाता है।
वहीं वेतन नहीं मिलने से आर्थिक िस्थति खराब हो गई है, बड़ी परेशानी हो रही है। आपरेटर अपनी मांग पर अड़े हंै। उनके अनुसार आश्वासन के बाद भी अगर भुगतान नहीं होगा तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे। शहरी ग्रामीण अंचलों में िस्थत विद्युत वितरण विभाग के 30 से अिधक सब-स्टेशन है। जहां 100 से अिधक की संख्या में आपरेटर कार्यरत है। विभागीय कर्मचारियों की काफी कमी के कारण सब-स्टेशनों के संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह से ठेका पर कार्यरत अापरेटरों पर है। विभागीय अिधकारी कर्मचारी केवल निगरानी करते हैं।
तीन महिने से वेतन भी नहीं मिला
सब-स्टेशनके आपरेटरों की वेतन संबंधी समस्या दूर नहीं हो सकी है। विद्युत सब-स्टेशनों में कार्यरत आपरेटरों को पिछले तीन महिने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है, ज