मार्च तक मिल जाएगी अनुकंपा नियुक्ति
आठ सूत्रीय मांग पत्र को लेकर राज्य पावर कंपनी के चेयरमैन शिवराज सिंह के साथ बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश के समय का अनुकंपा नियुक्ति के सभी प्राप्त आवेदकों को 31 मार्च तक नौकरी दे दिया जाएगा।
अविभाजित मध्यप्रदेश के समय कार्यकाल के दौरान मृत कर्मचारियों के आश्रित नौकरी के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद भी उनको नौकरी नहीं मिली है। बोर्ड के साथ बैठक में शामिल बिजली कर्मचारी महासंघ के महामंत्री राधेश्याम जायसवाल ने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि भू-विस्थापितों को कानूनी सलाह लेकर वाषिर्क वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाएगा। कर्मचारियों को सभी भत्ते मार्च के वेतन के साथ दे दिया जाएगा जिसमें तकनीकी कर्मचारियों को पहली बार मोबाइल भत्ता दिया जाएगा। आईटीआई के 255 पद के लिए फरवरी के अंतिम सप्ताह में विज्ञापन प्रकाशित होगा। बैठक में संगठन के पदाधिकारी सत्येन्द्र नाथ दुबे भी उपस्थित रहे। बिजली कर्मचारी महासंघ ने वर्ष 2000 के पहले लंबित अनुकंपा नियुक्ति, भू-विस्थापित कर्मियों के लिए इंक्रिमंेट, कर्मचारियों को मोबाईल भत्ता, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, औद्योगिक विवाद अधिनियम का पालन कराने सहित अन्य मांगंे रखी थी। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रबंधन के साथ सकारात्मक चर्चा हुई।
राज्य पावर कंपनी के चेयरमैन शिवराज सिंह के साथ हुई बैठक।
घोषणा के बाद वेतन निर्धारण
बैठक में उपस्थित श्रमिक नेताओं ने बिजली कर्मचारियों के वेज रिवीजन व कैरियर प्रोगेशन का मुददा भी उठाया। जिसमें प्रबंधन ने कहा कि वेज बोर्ड सातवां वेतन वृद्धि केन्द्र के घोषणा के साथ लागू किया जाएगा। पदोन्नति पालिसी तत्काल प्रभाव से लागू हो इसके लिए कमेटी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
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