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प्रशासन से फटकार, आटो संघ निराश

5 वर्ष पहले
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सिटी बस के विरोध में मोर्चा खोलने वाले आटो संघ को सोमवार को निगम में आयोजित बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की फटकार पड़ी। इसके बाद संघ के पदाधिकारी बेकफुट पर आ गए। दरअसल निगम आयुक्त ने सोमवार की शाम साकेत में बैठक बुलाई थी। इसकी सूचना के बाद भी संघ की ओर से हड़ताल किया गया।

जिला आटो संघ ने जिले में सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद से इसका विरोध कर रहा है। सिटी बस चलने से आर्थिक नुकसान होने की बात कहते हुए संघ की आेर से प्रशासन से इस सेवा को बंद किए जाने की मांग की जा रही है। पहले ज्ञापन देकर मांग रखने के बाद करीब एक पखवाड़े से संघ ने खुलकर मोर्चा खोल दिया। संघ की अोर से प्रशासन को क्रमिक भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद सोमवार की शाम को निगम के साकेत भवन में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों समेत आटो संघ समेत अन्य यात्री वाहन संघ के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी। इसकी सूचना भी आटो संघ को दी गई थी। लेकिन सिटी बस के विरोध में शक्ति प्रदर्शन पर उतारू आटो संघ के पदाधिकारियों ने हड़ताल (आटो बंद) करके क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। शाम को आयोजित बैठक में जब संघ के पदाधिकारी पहुंचे तो वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। अधिकारियों का कहना था कि जब संघ की मांग पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई थी तो फिर क्यों हड़ताल किया गया। यहां तक कि संघ को साफ कह दिया गया कि प्रशासन नियम लागू करेगा तो शहर में आटो परिचालन बंद हो जाएगा। क्योंकि बिना परमिट के आटो चल रहे हैं। इसके अलावा परमिट लेने पर तीन यात्री से ज्यादा सवारी नहीं बिठाया जा सकता। प्रशासनिक अधिकारियों के तेवर को देखकर संघ के पदाधिकारी बेकफुट पर आ गए। वह महज स्टापेज और टाईमिंग से सिटी बस चलाने की मांग करने लगे। अधिकारियों ने उन्हें जल्द ही सिटी बसों के निर्धारित स्टापेज और टाइमिंग से चलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद संघ ने हड़ताल बंद कर दी।

परिचालन में होगा सुधार लाने के लिए बनाई योजना
सिटी बस के विरोध के कारण प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने सिटी बस समेत निजी बस और आटो के परिचालन में सुधार लाने की योजना बनाई है। जल्द ही सिटी बसों का परिचालन नियम से होगा। इसी तरह अन्य निजी यात्री वाहनों को भी नियम से चलाया जाएगा। जिससे किसी तरह की परेशानी न हो। वही यात्रियों को लाभ मिले। एजेंट सिस्टम को भी बंद किया जाएगा।

आयुक्त ने दिखाया तेवर
पहले ट्रायल, फिर नियम
सिटी बस का विरोध कर रहे आटो संघ और बस मालिक संघ के पदाधिकारियों ने पहली बार निगम आयुक्त अजय अग्रवाल के कड़े तेवर का सामना किया। दरअसल जनसुविधा के लिए शासन द्वारा शुरू किए गए सिटी बस से आम यात्रियों को बेहतर लाभ मिलने लगा है। ऐसे में सिटी को बंद करने की मांग की वजह से आयुक्त ने उन्हें नियम कायदे गिना दिए।

सिटी बस के परिचालन के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि जिले के निर्धारित रूट पर अभी सेवा जरूर शुरू हुई है लेकिन स्टापेज और टाइमिंग का निर्धारण नहीं हो सका है। बसों के फेरे और यात्रियों की जरूरत को देखते हुए जल्द ही इसका निर्धारण कर लिया जाएगा। जिसके बाद तय स्टापेज पर ही सिटी बस में यात्रियों को बिठाया और उतारा जाएगा।

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