- Hindi News
- खुद की जान बची, लेकिन बचाने आए पति और बेटे को खो बैठी...
खुद की जान बची, लेकिन बचाने आए पति और बेटे को खो बैठी...
भास्कर न्यूज | कोरबा-बांकीमोंगरा
एसईसीएलकी बांकी कालोनी में शुक्रवार की सुबह कपड़ा सुखाने के लिए आंगन में लगे तार में करंट जाने से एक महिला कपड़ा सुखाते समय चपेट में गई थी। उसने बचाने के लिए पति-पुत्र को आवाज लगाई। उनके प्रयास से वह तो बच गई, लेकिन उसने अपना सुहाग और जिगर के टुकड़े को खो दिया।
बांकी कालोनी में मंनोरंजन मंदिर के पीछेे अमित सिन्हा लाइन के आवास क्रमांक एम-4 में एसईसीएल कर्मी ईश्वर चंद्रा (47) सपरिवार निवासरत था। शुक्रवार की सुबह लगभग 9 बजे ईश्वर समेत उसकी प|ी जमुना देवी (44), पुत्र विजेंद्र कुमार (21) घर में मौजूद थे। जमुना देवी घर में बाथरूम से नहाकर कपड़ा सुखाने पीछे आंगन में पहुंची। वह आंगन में कपड़ा सुखाने के लिए लगे तार में कपड़े डाल रही थी। इसी दौरान उसमें करंट प्रभावित होने की वजह से वह करंट की चपेट में गई। उसने बचाने के लिए आवाज दी। घर में मौजूद विजेंद्र आवाज सुनकर आंगन की और दौड़ा। उसने मां को बचाने धकेला। जमुना देवी छिटककर समीप गिर गई। लेकिन विजेंद्र खुद तार में फैल करंट की चपेट में गया। उसे बचाने पिता ईश्वर चंद्रा वहां पहुंचा। बचाने के प्रयास में उसे भी करंट लगा। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अपने सुहाग पति और जिगर के टुकड़े पुत्र को मौत के आगोश में देखकर अभागी जमुना देवी बेसुध हो गई। उसकी हालत गंभीर हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जमुना देवी को अस्पताल दाखिल कराया गया। दूसरी ओर मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
नाइट ड्यूटी से लौटा था
कालोनी में शोक की लहर
करंटकी चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत होने के बाद एसईसीएल कालोनी समेत बांकीमोंगरा क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। इस हृदय विदारक घटना की जानकारी मिलते ही हर कोई मौके पर पहुंचा। लोगों ने मृतक के परिजनों को ढांढास बांधा। एसईसीएल अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा पालिटेक्निक के छात्र भी बड़ी संख्या में वहां पहुंचे थे।
मकानजर्जर, रहता है डर
बांकीमोंगराक्षेत्र में कई दशक पहले बनी कालोनी की स्थिति जर्जर है। सभी मकान कंडम स्थिति में है। बारिश होते ही सीपेज जाता है। वहीं छत्त और दीवार से मलबा िगरता रहता है। बिजली तार भी पुराने और जर्जर होने की वजह से सीपेज के दौरान दीवारों में करंट प्रभावित हो जाता है। कालोनी के मकानों में रहने वाल