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जिले में चल रहा डीओ को बेचने का खेल, चावल की हो रही खरीदी
कोरबा | जिलेमें विपणन विभाग से जारी अंतरजिला डीओ को लोग बेचने का धंधा चला रहे हैं। नियमत: जिसके नाम पर डीओ कटा है, उसी को धान का परिवहन करने के बाद निर्धारित चावल जमा करने का प्रावधान है। इसमें कई मिलर डीओ को बेचकर स्थानीय स्तर पर चावल खरीदकर जमा कर रहे हैं।
जिले के मिलर दूसरे जिले से धान उठाने के लिए डीओ कटवा रहे हैं। लेकिन धान वहीं का वहीं खपाया जा रहा है। इससे उनका किराया बच जाता है। इसमें अधिकांश रायपुर बेमेतरा जिले के डीओ में हो रहा है। अगर धान परिवहन किया गया है तो टोल टेक्स अन्य दस्तावेज जरूरी है। इसकी जांच की जाए तो बड़े मामले का खुलासा हो सकता है। विपणन विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। विभाग का तर्क है कि मिलर कहीं से भी धान उठा सकते हैं। उन्हें 67 प्रतिशत के हिसाब से चावल जमा करना होता है। बताया जाता है कि कई मिलर स्थानीय स्तर पर धान खरीदकर विपणन विभाग के पास धान जमा कर देते है।
इससे किराए की शुद्ध कमाई हो रही है।
डीओ बेचने पर होगी कार्रवाई
^धान उठाने के लिए डीओ जारी किया जाता है। जिस मिलर को डीओ जारी हुआ है, उसी को धान का परिवहन करना चाहिए। अगर कोई डीओ बेचता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। अकबरयासिनी, डीएमओ,मार्कफेड