प्रशासन की सख्ती से टल गया आंदोलन
शिक्षक पंचायत संवर्ग के बैनर तले 15 फरवरी को आयोजित शिक्षकों का आंदोलन प्रशासनिक सख्ती के कारण टल गया। प्रशासन ने आंदोलन पर जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसी वजह से प्रदेश पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री केदार कश्यप को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन से पीछे हटने की घोषणा कर दी।
छत्तीसगढ़ पंचायत, नगरीय निकाय शिक्षक संघ ने 15 फरवरी से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था। जिसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर ने आदेश जारी किया है कि कोई भी शिक्षक पंचायत संवर्ग के कर्मचारी आंदोलन या हड़ताल पर रहते हैं तो शिक्षा कर्मी वर्ग-3 की जानकारी संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं शिक्षाकर्मी वर्ग-1 व 2 की जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के लिए प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में जानकारी तैयार कर भेजा जाए। यह आदेश जिला शिक्षा अधिकारी को जारी किया गया है। उधर शिक्षाकर्मियों से जुड़े एकता मंच के गिरीश केशकर ने बताया कि आंदोलन के लिए शिक्षक पंचायत एवं नगरीय निकाय संघ ने एकतरफा निर्णय लिया था। जिसमेें उनका संगठन शामिल नहीं है। आंदोलन के लिए एकजुटता नहीं दिखाए जाने के कारण आंदोलन होने के पहले ही दम तोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि प्रांतीय संगठन का प्रतिनिधि मंडल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप से मिलकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपते हुए आंदोलन को स्थगित कर दिया है। परीक्षा के समय आंदोलन पर प्रशासन पहले से ही सख्त है।
पंचायत मंत्री की पहल पर आंदोलन वापस
छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत एवं नगरीय निकाय संघ के प्रदेश सह सचिव मुकुंद केशव उपाध्याय ने बताया कि शिक्षा व पंचायत मंत्री केदार कश्यप से मांगों पर ठोस निर्णय लिए जाने 27 फरवरी को बैठक रखी गई है। जिसे देखते हुए संघ ने 15 फरवरी का प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। जो भी मांगे हैं उस पर बैठक में चर्चा की जाएगी।