सीएमपीडीआई कर्मियों को मिलेगा सुविधायुक्त मकान
सीएमपीडीआई के कर्मचारियों को अब मकान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। एसईसीएल कोरबा एरिया के सीजीएम कार्यालय के समीप कर्मचारियों के लिए 80 सुविधायुक्त आवासीय कालोनी बनाई जा रही है। इसकी लागत 5 करोड़ रुपए है।
कोल इंिडया की प्रमुख सहयोगी कंपनी सीएमपीडीआई (सेंट्रल माइंस प्लानिंग एंड डिजायन) कोयला उत्पादक कंपनियों के अभिन्न अंग के रूप में काम करती है। इसे मिनी र| कंपनी का दर्जा भी मिला है। आवासीय व्यवस्था के लिहाज से कंपनी के कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सीएमपीडीआई के कर्मियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराए जाने की जरूरत लंबे समय से है। जिसके एसईसीएल कोरबा क्षेत्र मुख्यालय के समीप ट्रांजिट हाउस परिसर की जमीन पर सीएमपीडीआई के कर्मियों लिए मकान बनाया जा रहा है। यहां करीब 80 की संख्या में मकान बनाए जा रहे हैं। एक अधिकारी के अनुसार आने वाले कुछ महिनों के भीतर मकान बनकर तैयार हो जाएंगे। यहां बन रहे मकान की लागत लगभग 5 करोड़ है।
अस्थाई आवासीय व्यवस्था : कसुमुंडा में सीएमपीडीआई के कर्मचारियों के लिए आवासीय व्यवस्था है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। वर्तमान में अधिकांश कर्मचारी व अधिकारी जहां काम करते हंै, उसके आसपास ही अस्थायी आवासीय व्यवस्था का प्रबंध करना पड़ता है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोरबा एरिया मुख्यालय के करीब आवासीय कालोनी बनने से अधिकारी कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ये है जिम्मेदारियां
सीएमपीडीआई खनिज,अन्वेषण,खनन,इंजीनियरिंग,तथा प्रबंधन सिस्टम, विशेष रूप से कोयला उद्योग के अंदर एवं बाहर व देश के खनिज, खनन, एवं संवर्गी सेक्टरों के प्रबंधन प्रणाली के लिए परामर्शदाता संस्था व सहयोगी की भूमिका निभाता है। जिसके तहत इसके अधिकारी कर्मचारियों को अलग अलग जिम्म्ेदारी सौंपे गए है। कंपनी कार्पोरेट जिम्मेदारियों के तहत कोयला मंत्रालय तथा प्लानिंग कमीशन को राष्ट्रीय स्तर कोयला के भण्डारों, कोयला खनन की संभाव्यता तथा परिचालन के सम्पत्ति-सूची का रख-रखाव व अनुरक्षण भी करता है।
कालोनी के आसपास सुविधाएं पहले से
निर्माणाधीन कालोनी के आसपास स्वास्थ्य सुविधा के लिए अस्पताल, मनोरंजन, खेलकूद सहित अन्य व्यवस्थाएं है। मुख्यमार्ग पर कालोनी के बीच ही निर्माण हो रहा है। जिससे सुरक्षा भी रहेगी। इस लिहाज से कालोनी बनने के बाद यहां रहने वाले कर्मचारियों अथवा उनके परिवार के सदस्यों को परेशानी नहीं होगी।
कोरबा : एसईसीएल कालोनी के पास निर्माणाधीन मकान।
मिलेगी राहत