बिजली की बढ़ती मांग के बीच कोरबा पूर्व प्लांट दे रही साथ
मौसम में बदलाव के साथ ही प्रदेश में बिजली की मांग में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। गुरुवार को डिमांड 3500 मेगावाट तक पहुंच गई थी। वहीं सबसे पुराने प्लंाट कोरबा पूर्व की इकाईयों से पूरे क्षमता के साथ बिजली उत्पादन होने से प्रबंधन को थोड़ी राहत मिली है।
बिजली की बढ़ती मांग के बीच इन दिनों कोरबा पूर्व प्लंाट की इकाईयाें से बिजली उत्पादन की स्थिति में सुधार नजर आ रहा है। काफी पुरानी हो चुकी कोरबा पूर्व प्लंाट में एक यूनिट को छोड़ अन्य सभी पांच इकाईयों से उनके क्षमता के अनुसार बिजली का उत्पादन हो रहा है।
लंबे समय बाद प्लंाट में 50-50 मेगावाट की तीन इकाईयों से 40 मेगावाट से अधिक की लोड पर बिजली बन रही है। वहीं 120-120 मेगावाट की दोनाें इकाईयाें से भी 100-97 मेगावाट तक बिजली उत्पादन हो रहा है। 440 मेगावाट प्लंाट में वर्तमान में 322 मेगावाट की लोड पर बिजली बन रही है।
कोरबा पूर्व प्लांट।
बिजली उत्पादन की स्थिति
कोरबा पूर्व
1 इकाई 00 मेगावाट
2 इकाई 41 मेगावाट
3 इकाई 40 मेगावाट
4 इकाई 44 मेगावाट
5 इकाई 100 मेगावाट
6 इकाई 97 मेगावाट
एचटीपीपी
1 इकाई 190 मेगावाट
2 इकाई 209 मेगावाट
3 इकाई 172 मेगावाट
4 इकाई 174 मेगावाट
5 इकाई 447 मेगावाट
डीएसपीएम
1 इकाई 234
2 इकाई 237
बांगो हाइडल की पहली इकाई से उत्पादन नहीं
राज्य विद्युत कंपनी के बांगो हाइडल प्लंाट की एक नंबर इकाई से बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। यह यूनिट तकनीकी खराबी के कारण पिछले कई महिने बंद है। बिजली की मांग के अनुसार अन्य इकाई से उत्पादन किया जा रहा है।
कोयला स्टॉक को लेकर है प्रबंधन पर दबाव
बिजली की मांग बढ़ रही है। लेकिन राज्य पावर जनरेशन के पावर प्लांटों मे कोयला स्टॉक की स्थिति एवरेज से कम है। डीएसपीएम को छोड़ अन्य दो प्लांट में कोयला बहुत कम है। कोरबा पूर्व प्लांट में 4 दिन का 28 हजार टन कोयला स्टॉक है। डीएपीएम प्लांट में ही 22 दिन का 185 हजार टन कोयला स्टॉक है। जबकि एचटीपीपी में भी 4 दिन का 84 हजार टन कोयला है। डीएसपीएम प्लंाट को छोड़ दोनों में कोल स्टॉक को लेकर दबाव प्रबंधन पर है।