मुर्दों के नाम पर भी कर दिया गया मतदान
पंचायतचुनाव में गड़बड़ी की पोल परत दर परत खुलने लगी है। ग्राम पंचायत रैनपुरखुर्द में तो वर्षों पूर्व परलोक सिधार गए ग्रामीणों के वोट भी डाल दिए गए। इस संबंध में जब ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराया तो पीठासीन अधिकारी ने आवेदन तक लेने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने पहले रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय का घेराव किया और दूसरे दिन जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा है।
शनिवार को ग्रामीण सुबन बाई, सुशीला, विमला, जय सिंह, राधा बाई, फूलचंद, छतर कुमार, अनूप सिंह, कौशल प्रसाद समेत 100 से ज्यादा ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर के नाम का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में फर्जी मतदान हुआ है। इस वजह से प्रत्याशी विशेष की जीत हुई है। मौके पर ही आपत्ति दर्ज कराया गया। लेकिन पीठासीन अधिकारी ने आवेदन लेने तक से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि बूथ क्रमांक 274 में 375 मतदाताओं ने वोट डाला था। यह जानकारी मतदान के बाद पीठासीन अधिकारी ने ही उन्हें दी थी। लेकिन जब मतगणना हुई तो 426 मत पाए गए। 51 मत पत्र कहां से आए इसका जवाब देने से अधिकारियों ने मना कर दिया। इसी तरह बूथ क्रमांक 275 में 413 मतदाताओं द्वारा वोट डालने की जानकारी दी गई थी। लेकिन यहां गिनती में 411 मतपत्र ही पाए गए। दो मतपत्र के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी तक नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीठासीन अधिकारी की संलिप्तता से यह फर्जीवाडा किया गया है। इस संबंध में जिला उप निर्वाचन अधिकारी से चर्चा करने का प्रयास किया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
मृतकोंके नाम का मिला मतपत्र : ग्रामीणोंने बताया कि बहत्तर बघेल, रजनी चौहान, दुलार यादव, तीज राम की मौत पहले ही हो गई है। लेकिन इनके नाम का भी वोट फर्जी तौर पर डाल दिया गया। इनके मतपत्रों की भी गिनती आपत्ति के बाद भी कर ली गई। अधिकारियों ने आपत्ति तक दर्ज करना जरूरी नहीं समझा।
फरियाद लगाने कलेक्टोरेट पहुंचे रैनपुरखुर्द के ग्रामीण।