वीआईपी रोड अब मुखर्जी मार्ग होगा
नगरपालिक निगम की सामान्य सभा में 21 प्रस्ताव में से ज्यादातर सर्वसम्मति से पारित हो गए। दो प्रस्ताव पर वोटिंग की स्थिति निर्मित हुई। वहीं एक प्रस्ताव का विरोध करते हुए विपक्ष के पार्षद सभाकक्ष से बाहर चले गए। इस दौरान 48 भवन, सड़क, सभागार परिसम्पत्तियों के नामकरण पर सदन ने मुहर लगा दी। सीएसईबी चौक से तानसेन चौक मार्ग अब डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी मार्ग के नाम से जाना जाएगा।
बुधवार को आयोजित सामान्य सभा की कार्रवाई निर्धारित समय 11.30 बजे की बजाए 12.10 बजे शुरू हुई। प्रस्ताव क्रमांक 1 पूर्व बैठक के निर्णयों की पुष्टि का पाठन जैसे ही परिषद सचिव ने किया वैसे ही विपक्ष ने रणनीति के तहत घेराबंदी का प्रयास शुरू कर दिया। लेकिन एकजुट सत्ता पक्ष के सामने विपक्ष पूरी तरह से बिखरा हुआ नजर आया। सभापति भी बिना किसी संकोच के प्रस्तावों को पारित करने की कार्रवाई करते रहे। इस वजह से भी विपक्ष का हमला पूरी कार्रवाई के दौरान कहीं धारदार नजर तक नहीं आई। नेता प्रतिपक्ष सनिश ने कहा कि एजेंडे की कापी तो पार्षदों को सात दिन पहले दी जानी चाहिए। लेकिन सभाकक्ष में ऐन वक्त पर दी जा रही है। जो न्याय संगत नहीं है। ऐसे में वे कुछ मुद्दों को लेकर न्यायालय में जाने को विवश होंगे। जिस पर महापौर जोगेश लांबा ने जवाब देते हुए सभापति को संबोधित करते हुए कहा कि साथी पार्षद को समझना चाहिए कि आप सभापति हैं, न्यायाधीश नहीं। ऐसे में न्याय संगत की बात करना तर्कहीन है। प्रस्ताव क्रमांक 7 जन्माष्टमी के आयोजन के अनुमोदन संबंधी प्रस्ताव पर विपक्ष ने पहले प्रस्ताव पिछले सामान्य सभा में रखकर इस सभा में रखे जाने पर एतराज जताया। साथ ही कहा कि खर्च का ब्यौरा दिया जाना चाहिए। लोगों की गाढ़ी कमाई का दुरूपयोग मनमाने तौर पर खर्च कर नहीं होना चाहिए। प्रस्ताव 8 पर तो विपक्ष पूरे विरोध के मूड में नजर आया। विधायक प्रतिनिधि सुरेन्द्र जायसवाल ने कहा कि पहले वर्ष 5 लाख फिर 20 लाख और अब 50 लाख रुपए भारत महोत्सव में खर्च करना उचित नहीं है।
खासकर जब लोग सड़कों के गड्ढे, पेयजल संकट, बाढ़ से प्रभावित समेत अन्य परेशानियों से जूझ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तो कश्मीर में आई आपदा के कारण अपना जन्मदिन तक नहीं मनाया। ऐसे में यह राशि कश्मीर के लोगों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में दे दंे तो ज्यादा अच्छा होगा। इसके बाद तो विप