भैंसमुंडी में चुनाव बहिष्कार का ऐलान
ग्रामभैसमुंडी के निवासियों की बुनियादी समस्याओं का निराकरण नहीं होने के कारण लोगों ने नगर पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है। चुनाव लड़ने वाले अध्यक्ष एवं पार्षद पद के लिए नामांकन पत्र खरीदने की तिथि को तीन दिन बीत चुके हैं। 17 दिसबंर तक नामांकन फार्म खरीदने की आखरी तिथि है, लेकिन अभी तक किसी ने भी फार्म नहीं खरीदा है। ज्ञात हो कि 2008 में ग्राम पंचायत मगरलोड ग्राम पंचायत भैंसमुंडी को जोड़ कर नगर पंचायत का निर्माण किया गया था। लेकिन वहां के लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पाई, जिसके कारण लोगों में आक्रोश है। अब लोग नगर पंचायत से अलग होकर ग्राम पंचायत बनाने पर अड़े हैं तथा महिलाओं के नेतृत्व में लगातार बैठक एवं शासन प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को लेकर दरवाजा खटखटा चुके हैं। अपनी मांगों के आधार पर चुनाव बहिष्कार तक एलान करते हुए लगातार बैठकों का दौर जारी है। गांव को नाम विलोपन, टैक्स की अधिकता, मनरेगा का काम नहीं मिलना जलाऊ लकड़ी के लिए चट्टा नहीं मिलना आदि मांगों को लेकर नगर पंचायत से अलग होने की मांग कर रहे हैं।
मांगालिखित आदेश
चुनावबहिष्कार को लेकर शनिवार को कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने नगरवासियों की मांग को लेकर आश्वासन जरूर दिया है, लेकिन बैठक में नगरवासी लिखित आदेश पर अड़े रहे। शनिवार को साहू भवन में संपन्न बैठक में जिलाधीश भीमसिंह, अजय अग्रवाल एसडीएम, बीएस नेताम तहसीलदार, नेहा भेडि़या नायब तहसीलदार चंदन शर्मा सीएमओ नगरपंचायत मगरलोड सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
एकपार्षद ने भरा नामांकन
शनिवारको नगर पंचायत मगरलोड में एक पार्षद ने नामांकन दर्ज किया जबकि पार्षद के लिए 5 लोगों ने नामांकन फार्म खरीदा है। अध्यक्ष पद के लिए किसी ने फार्म नहीं खरीदा है।
मगरलोड. जानकारी लगने पर कलेक्टर भीमसिंह गांव पहुंचे, लेकिन ग्रामीण अड़े रहे।