किसानोें ने टोकन सिस्टम को अव्यवहारिक बताया है। उनका कहना है कि किसानों को उनकी सुविधा के अनुसार धान बेचने की छूट मिलनी चाहिए। महासमुंद के अलावा दूसरे जिलों में इस तरह का सिस्टम नहीं होने के कारण वहां के किसानों को बेहतर सुविधा मिल रही है। यहां सिस्टम से शिकायत है।