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पटाखे से बचा मासूम तो खंभे के करंट ने ली जान

7 वर्ष पहले
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सिखसमाज द्वारा बुधवार को निकाली गई शोभायात्रा के दौरान फोड़े जा रहे पटाखे से बचने के लिए जब 12 साल के मासूम ने जब बिजली के खंभे को पकड़ा उसमें प्रवाहित हो रहे करंट ने उसकी जान ले ली। घटना बुधवार रात साढ़े 8 बजे की है। आकाश मदनकार पिता राकेश मदनकार अंबेडकर चौक निवासी सिख समाज द्वारा प्रकाश पर्व के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा देखने गया था आंंबेडकर की मूर्ति के पास लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट प्रभावित हो रहा था जिसकी चपेट में आकर आकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां मौजूद लोगों ने लाठी से बच्चे को खंभे से अलग किया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।

बिजली के खुले तार ट्रांसफार्मर खतरनाक हो रहे हैं। विद्युत विभाग की उदासीनता के कारण खतरा बढ़ गया है। कई जगह आज भी खुले बिजली के तार देखे जा सकते है। हर जगह खुले तार या टूटे पैनल बॉक्स हादसे को न्योता दे रहे हैं। करंट से हादसों का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। शहर के कई स्थानों में बिजली के तार भय का कारण बन गए हैं। कुछ जगहों पर बिजली तार मकानों की दीवारों को छूते हुए निकल रहे हैं। तेज हवा होने से तार दीवारों से टकराते हैं तो करंट फैलने और हादसा होने का खतरा रहता है। कई बार तो तार टकराने से स्पार्किंग होती है। कालोनी के लोगों ने बताया कि भय के चलते घर की छत पर बच्चों को जाने नहीं दिया जाता। इस प्रतिनिधि ने सार्वजनिक स्थानों के आसपास बिजली के तारों और पैनल बॉक्स का जायजा लिया। जहां कई जगहांे पर बिजली के तार और पैनल बॉक्स खुले मिले हैं।

आंबेडकर चौक से रायपुर, बागबाहरा और तुमगांव के लिए लोग आना जाना करते हैं। यह शहर का मुख्य चौराहा भी है। चौक के बीचोबीच स्ट्रीट लाइट के इस खंभे में दिनभर करंट की शिकायत पहले भी की गई थी और एक जान जाने के बाद इसे बंद की गई।

स्टेशन रोड में यह नजारा हर सौ-दो सौ मीटर की दूरी पर देखा जा सकता है। बिजली के वायर में हरदम करंट दौड़ रहा होता है, पर सुरक्षा नदारद।

लोहिया चौक स्थित इस ट्रांसफार्मर के संपर्क में आए दिन ट्रक और दूसरे वाहन आते हैं, लेकिन हादसा टल जाने की वजह से इस लापरवाही की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता, आंबेडकर चौक की घटना से सबक लेने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन विभागीय रवैया सुप्तप्राय है।

व्यस्त चौराहा और करंट

ऐसे बेतरतीब और जानलेवा पड़े हैं