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हिंसा के खिलाफ उठी आवाज

7 वर्ष पहले
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अंतरराष्ट्रीयमहिला हिंसा पखवाड़े के तहत चल रहे कार्यक्रम का समापन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के दिन शंकराचार्य सांस्कृतिक भवन में हुआ। महिला हिंसा पखवाड़े कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की संयोजिका राजिम केतवास, मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग, विशेष अतिथि दुर्गा राव, चिंगारी महिला मंच की संयोजिका सीता देवी वर्मा, ऑक्सफेम की कार्यक्रम अधिकारी मैनेजर अनु वर्मा एवं अन्य विशेष अतिथियों के उपस्थिति थे। अध्यक्षीय भाषण में राजिम ने कहा छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज भी टोनही के नाम पर सताई जा रही उनके भेदभाव किया जा रहा है। शराबखोरी के चलते महिलाओं की स्थिति बदतर हो रही है। महिला हिंसा विरोधी अभियान को जोर शोर से चलाए जाने की जरूरत है। इस दौरान पंडवानी कलाकर चंद्रिका कौशल ने अपनी टीम के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

बुजुर्ग महिलाएं सम्मानित

महिला हिंसा पखवाड़े के समापन के अवसर पर कार्यक्रम आयोजनकर्ता संस्था ने तीरीत बाई साहू, श्यामा बाई, बिसाहिन बाई को शॉल देकर सम्मानित किया गया।

हिंसामुक्त समाज निर्माण जरूरी

नगरपालिका अध्यक्ष महिलांग ने इस बात को स्वीकार किया की आज भी ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्र तक में महिलाओं को शौचालय सुविधा मुहैया उपलब्ध नहीं हो पाई है। सरकार इसको पूरा करने की कोशिश कर रही है। पर्याप्त संख्या में शौचालयों का निर्माण होने से महिलाओँ के प्रति हो रही हिंसा में कमी आएगी। एडवोकेट दुर्गा राव ने महिलाओं को शिक्षित करने की जरूरत है समाज में विकास सुनिश्चित करनी है तो परिवार के दो पहियों नारी और पुरूष के मध्य भेदभाव की खाई को पाटना पड़ेगा और नारी हिंसा मुक्त समाज का निर्माण करना पड़ेगा जिसके के समाज के सभी धड़ों को पर्याप्त सहयोग की आवश्यकता है। बिना महिलाओं के सशक्तिकरण के समाज में संतुलित विकास सुनिश्चित नहीं किया जा सकता।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर महिलाओं नारे लगाते हुए रैली निकाली। इसके बाद शंकराचार्य सांस्कृतिक भवन में एक दिवसीय महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया।