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सिंचाई के क्षेत्र में िवश्वेश्वरैया का अिद्वतीय योगदान

7 वर्ष पहले
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भारतर| सर मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया की 154 वीं जयंती पर अभियंता संघ द्वारा विविध कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम की प्रारंभिक शुरूअात शासकीय अस्पताल खरोरा एवं वृद्धाश्रम में मरीजों को फल वितरण किया गया।

इस अवसर पर आरएस माली अभियंता, सनत चंद्राकर, चंपत देवांगन, बालाराम साहू, बिहरीया, एस एस लोधी, डीसी तिवारी का योगदान रहा। आयोजन के द्वितीय चरण में डिप्लोमा इंजीनियर भवन में मुख्या समारोह दोपहर 3 बजे प्रारंभ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि आई डी डोंगरे, राजीव वर्मा, परीक्षित चौधरी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्जवलन पश्चात सर विश्वेश्वरैया, स्वामी सदाफल महराज के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में श्री परीक्षित ने कहा कि अभियंताओं की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए एक जुट रहने की अपील की। वक्ताओं के संबोधन के बाद वैदिक महायज्ञ का आयोजन किया गया।

जिला अस्पताल पहुंचकर अभियंता संघ के सदस्यों ने मरीजों में बांटे फल।

सीमित संसाधनों की व्यापकता पर जोर देते थे इंजीनियर विश्वेश्वरैया

कार्यक्रमके दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि कैसे िवश्वेश्वरैया ने सिंचाई के क्षेत्र में देश की सहायता करने के लिए नहर और बांध की परिकल्पना की। उनकी पद्धति के द्वारा सिंचाई के सीमित पानी के साधनों का पूर्ण उपयोग हो सका। वे परियोजनाएँ, जिनकी उन्होंने कल्पना की और निर्माण कराया, उनसे ग़रीब किसानों को राहत मिली। उनसे देहात के क्षेत्रों में काफ़ी बड़ी मात्रा में सुधार का कार्य सम्पन्न हुआ। आर्थिक उत्थान के द्वारा विश्वेश्वरैया ने महसूस किया कि इससे राष्ट्र को शक्ति मिलेगी और लोग बेहतर स्थिति में होंगे। कार्यक्रम मंे आरएस माली, डीसी तिवारी, टीपी वर्मा, बालाराम साहू, भोलाराम साहू, एके साहू, राजेश तिवारी आदि उपस्थित थे।