पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • झूपत झूपत आबे दाई...गूंजा

झूपत-झूपत आबे दाई...गूंजा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जगरातामें झूम उठा शहर और पूरी रात जसगीत के धूनों पर शेरावाली के भक्त हाईस्कूल मैदान में जयकारा लगाकर थिरकते रहे। बस स्टैंड दुर्गा पूजा उत्सव समिति द्वारा हाईस्कूल मैदान में रविवार की रात जसगीत सम्राट दुकालू यादव का जगराता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें शहर सहित आसपास के गांवों से काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। भीड़ का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे हाईस्कूल मैदान में पाव रखने की जगह नहीं थी और स्कूल भवन के दीवार, छत तथा नगर पालिका के ऊपर छत में चढ़कर लोग जसगीत का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम रात 11 बजे शुरू हुआ सुबह साढ़े 4 बजे तक चलता रहा। झूपत झूूपत आबे दाई.., कोन्हो नरियर मांगत हे कोन्हो बाना मागत थे, कोरी कोरी नारियल चढ़ावांे दाई तोला ओ, तोला गाड़ा गाड़ा जोहार भोले बाबा के गीतों ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। समिति के सदस्य जसगीत के दौरान देवी चढ़ने वालो को सम्हालने शांत कराने में ही मुस्तैदी से डटे रहे। देवी चढ़ने पर शांति के लिए वहां खप्पर, धूप पानी की पूरी व्यवस्था समिति के पंडा द्वारा की गई थी। साढ़े 5 घंटे चले इस कार्यक्रम में लगभग सौ से अधिक लोगों को देवी चढ़ते उतरते रहा।

जगराता कार्यक्रम मुख्य अतिथि के रूप मंे पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर उपस्थित थे। अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग ने की। बतौर विशेष अतिथि भाजपा नेता चंद्रहास चंद्राकर, इंद्रजीत सिंह खालसा, राकेश चंद्राकर, पवन वर्मा समिति के वरिष्ठ सदस्य बाबूलाल साहू उपस्थित थे। संचालन संदीप घोष प्रशांत श्रीवास्तव ने किया। इस आयोजन में दुर्गा समिति के सदस्यों के अलावा पार्षद समिति के सदस्य प्रकाश चंद्राकर विशेष योगदान रहा। शुभारंभ बेला में अतिथियों ने जगत जननी मां दुर्गा के छाया चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन कर नमन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने लोगों को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि शहर में सबसे पुराना दुर्गोत्सव समिति द्वारा पहली बार जगराता का आयोजन किया जा रहा है। इसके पूर्व भी इस समिति ने अनेक भव्य आयोजन दुर्गोत्सव की मौके पर आयोजित कर क्षेत्र में प्रसिद्धि पाई है। जय महाकाल और गोकुल धाम की झांकी आज भी लोगों के लिए यादगार बनी हुई है। कार्यक्रम में शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का विशेष सहयोग रहा।

सम्मानित हुए संस्थापक