राज्य सरकार के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप
धानखरीदी के लिए पंजीयन की पूर्ववत व्यवस्था, 300 रुपए बोनस, निशुल्क बिजली सहित अनेक किसान हितैशी मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा महासमुंद ने 22 सितंबर को धरना प्रदर्शन और रैली निकालकर सरकार का विरोध करेगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के राजेंद्र चंद्राकर, सुखदेव साहू, श्रीधर चंद्राकर, बलवंत साहू, लीलू साहू, राजू साहू, छन्नू साहू आदि ने धान खरीदी पंजीयन की वर्तमान व्यवस्था को अव्यावहारिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों के पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, बिजली बिल, आधार कार्ड, मोबाईल नंबर, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र मांगकर पंजीयन को जटिल बनाया जा रहा है। किसान आखिर पेन कार्ड कहा से लाएगा। साथ ही पंजीयन के लिए जो फार्म भरावाया जा रहा है उसमें लिखवाया जा रहा है कि कितनी मात्रा में कौन सा धान कब बेचेगा।
सवाल यह उठता है कि किसान पहले से कैसे तय करेगा कि मोटा और पतला धान का उत्पादन कितना रहा है, साथ ही 20 एकड़ का किसान एक दिन में सभी उपज नहीं बेच सकता। पंजीयन के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है उससे सरकार की मंशा किसानों को परेशान करना है ताकि किसान समय पर दस्तावेज प्रस्तुत कर सके और धान बेचने से वंचित हो जाए।
इन्हीं सब मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा जगह जगह आंदाेलन कर किसानों में जागरूकता लाने का प्रयास कर रही है। महासमुंद के आंदोलन में करीब 10 हजार किसानों पहुंचने की संभवना है। हाई स्कूल मैदान में धरना प्रदर्शन के बाद रैली निकलेगी।
दर्ज हो एफआईआर
किसानोंनेताअों ने बिना किसानों की सहमति से बीमा की राशि आहरित करने का आरोप लगाया है उन्होंने कहा है कि बैंक से बिना हस्ताक्षर के कोई राशि निकाली नहीं जा सकती। किंतु फसल बीमा के नाम पर बिना किसानों की सहमति लिए 10 प्रतिशत राशि आहरित कर बीमा कंपनी के खाते में स्थानांतरित करना किसानों के साथ धोखाधड़ी है। इसे लेकर किसान मोर्चा अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराएगा और एफआईआर नहीं होने पर कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगी। किसान गांव को ईकाई मांगकर फसल बीमा की मांग करते रहे है। लेकिन विकासखंड स्तर को इकाई मांगकर बीमा कराने से कोई लाभ नहीं मिल रहा।
िकसानों ने लगाया करोड़ों के घोटाले का आरोप
िकसाननेता श्रीधर चंद्राकर, राजेंद्र चंद्राकर, सुखदेव साहू ने आरोप लगाया है कि अनुदान के नाम पर उद्यानिकी विभाग में करोड़ो का ख