कर्जमुक्त होने बनाया जाली नोट
हजारऔर पांच सौ के जाली नोट तैयार करने के आरोप में क्राइम ब्रांच की टीम ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। एसडीओपी एमए मोटवानी ने दावा किया है कि आरोपी युवकों ने इन नोटों को बाजार में खपाने की तैयारी की थी, इसी दौरान उन्हें पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस को एक कंप्यूटर सेट के साथ प्रिंटर और उससे जुड़े उपकरण मिले है, जिन्हें जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार पकड़ा गया मुख्य आरोपी बलराम कर्ज मुक्त होने के लिए जाली नोटों का सहारा ले रहा था।
पत्रकारों के समक्ष आरोपियों को बापर्दा पेश करते हुए एसडीओपी ने बताया कि शहर और आसपास के कुछ गांवों से शिकायतें मिलती रही थी कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में असली के साथ कुछ लोग जाली नोट चला रहे हैं, सूचना पर पुलिस सतर्क थी और नयापारा में जाली नोट की डीलिंग करने की जानकारी पर धरपकड़ करते हुए बुगलु चौक के पास तारेंद्र शर्मा को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार तारेंद्र के पास से उन्हें हजार और पांच सौ के 18 जाली नोट मिले, जिनके सीरीज एक थे।
आरोपियों के कोई पुराने आपराधिक रिकार्ड नहीं
तारेंद्रने पुलिस को बताया कि यह नोट उसे नांदगांव के बलराम जांगड़े ने उपलब्ध कराए हैं। बलराम कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम नांदगांव में फोटोग्राफी का कार्य करता था। फोटोग्राफी के लिए ही उसने महासमुंद की एक दुकान से कलर प्रिंटर खरीदा था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कोई पुराने आपराधिक रिकार्ड नहीं हैं।
कंप्यूटर दुकान के संचालक सत्यनारायण दुबे को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसडीओपी ने कांफ्रेंस में बताया कि कलर प्रिंटर बेचने के दौरान ही उसने मुख्य आरोपी को प्रिंटर की खासियत बताते हुए स्केनिंग और प्रिंटिग की विधियों से अवगत कराया था। पुलिस ने सत्यनारायण पर आरोप लगाया गया है उसने ही सबसे पहले नोट स्केन कर उसके प्रिंट से बलराम जांगड़े को अवगत कराया था।
प्रिंटर की खासियत बताना पड़ा उसे महंगा
जाली नोट तैयार करने के साथ उसे खपाने की कोशिश में तीनों आरोपियों पर हुई कार्रवाई।