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प्रशासन को विधायक ने बताई क्षेत्र की कई समस्याएं, मांगा समाधान

7 वर्ष पहले
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विधायकडा विमल चोपड़ा ने मंगलवार को कलेक्टर से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जिसमें राशन कार्ड, किसानों के पंजीयन, खेल मैदान, लाइवली हुड कॉलेज के लिए जमीन एवं कृषि विद्यालय खोलने के लिए जमीन, शराब की अवैध बिक्री, वनाधिकार तहत जमीन पट्टा विरतण में गड़बड़ी, मतदाता सूची में गड़बड़ी, श्रम विभाग एवं परसाहीदादर के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उनके साथ पार्षद देवंीचंद राठी, महेंद्र जैन उपस्थित थे।

विधायक डा चोपड़ा ने कलेक्टर को अवगत कराया कि शहर एवं जिला में योग्य परिवार का भी राशन कार्ड सत्यापित होने के बावजूद भी अनुपस्थित बताकर काट दिया गया है, वहीं दावापत्ति के नाम पर मात्र खानापूर्ति हुआ अभी पात्र लोगों को राशन नहीं मिल रहा है। वहीं कहीं कहीं पर तो अगस्त माह का राशन ही नहीं गया है, जिसके कारण लोग परेशान हो रहें है। जिस पर कलेक्टर ने अगले माह से ऐसे लोगों को राशन वितरण का आश्वासन दिया एवं पिछले माह के राशन के संबंध में शासल से निर्देश लेकर कार्रवाई की बात कही। डा चोपड़ा ने किसानों के पंजीयन पर चर्चा करते हुए कहा कि फार्म दिए गए दिशा निर्देश का पालन करने पर भी संबंधित दस्तावेज की छायाप्रति अनिवार्य रूप से मांगी जा रही है। जिसका सरलीकरण होना चाहिए कई किसानों के पंजीयन नहीं हो पा रहे है। दस्तावेज में मतदाता परिचय पत्र अगर दूसरे ग्राम का है तो उसका भी पंजीयन नहीं हो पा रहा है।

विधायक ने कहा कि स्टडियम, लाईवली हुड कालेज कृषि महाविद्यालय के लिए जमीन की मांग की जिस पर कलेक्टर ने कहा कि स्टेडियम के लिए जमीन का पता किया जा रहा है वहीं लाईवली हुड कालेज के लिए नए पालीटेकनिक के पीछे के जमीन के लिए प्रस्ताव रखा गया है। विधायक डा चोपड़ा द्वारा कृषि महाविद्यालय के लिए जमीन की मांग करते हुए सुझाव दिया गया कि बड़गांव में ग्रामीणों द्वारा बताया गया है कि वहां शासकीय जमीन है जिसे वर्तमान में ग्रामीणों द्वारा चारा गाह के लिए उपयोग किया जा रहा है। कालेज खोलने पर ग्रामीण 50 एकड़ जमीन देने तैयार है जिसके लिए उन्होने स्वयं आकर मुझ से भेंट की और तहसीलदार को भी अवगत कराया है। वनाधिकार के तहत जमीन के पट्टा देने में जो गड़बड़ी हुई है उस पर चर्चा करते हुए कहा कि बड़े-बड़े लोगों को वनाधिकार पट्टा दिया गया है जिसमें गौर आदिवासी भी है जिससे जरूरत मंद लोगों को वनाधिकार पट्टा नहीं मिल पाया है, जिसके