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आदिवासी महिलाओं ने हमले के िवरोध में घेरा थाना, की नारेबाजी

6 वर्ष पहले
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भीमखोज टीआई की ओर से आदिवासी महिला को जानलेवा हमला करने के लगे आरोप के बाद कार्रवाई नहीं होते देख ग्रामीण आक्रोशित हो रहे हैं। मंगलवार को आदिवासी महिलाओं ने कार्रवाई की मांग को लेकर थाना का घेराव कर दिया।

टीआई को निलंबित करने और एफआई दर्ज करने को लेकर महिलाओं ने जमकर नारे-बाजी की। बागबाहरा एसडीओपी ने ग्रामीणों को जांच-कार्रवाई के आश्वासन के बाद महिलाएं शांत हुईं। भीमखोज संतोषी नगर निवासी उत्तम गोड को पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार का जेल भेजा। इसके बाद आरोपी के प|ी अंजीबाई की ओर से थाना पहुंचकर सवाल-जवाब किया, जिस पर टीआई द्वारा कुर्सी फेंककर जानलेवा हमला का आरोप आदिवासी महिलाओं ने लगाया। जिसकी शिकायत कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक को भी की गई है। लेकिन जांच और कार्रवाई नहीं होने को लेकर महिलाएं आक्रोशित थे।

मामले को लेकर एसपी से भी की गई थी शिकायत

पीड़ित अंजीबाई गोंड़ ने एसपी नेहा चंपावत को बताया था कि 8 मार्च की शाम 7 बजे संतोषी नगर निवासी उत्तम गोंड़ बजरंग बली मंदिर में पूजा कर रहा था। उसी दौरान भीमखोज थाना प्रभारी राम सत्तू सिन्हा महिला के पति को बैठाकर ले जाने लगे।

पूछने पर एक मामले में पूछताछ करने की बात कही। काफी देर तक जब पीड़ित का पति घर नहीं लौटा तब वह थाने पहुंची। पूछताछ पूरी नहीं होने की बात कहकर उसे भगा दिया गया।

सुबह अपने 8 महीने की दूधमुंही बच्ची व मोहल्ले की महिलाओं के साथ महिला थाने पहुंची, जहां अंवराडबरी में लावारिस हालत में पड़े मोटर साइकिल की चोरी का फर्जी मामला बनाकर न्यायालय में पेश करने की तैयारी पुलिस कर रही थी। फर्जी मामले को लेकर महिला ने विरोध किया, तब टीआई ने तैश में आ गए और महिला के ऊपर कुर्सी से प्राणघातक हमला कर दिया। इससे कुर्सी का हैंडल टूट और महिला का हाथ सूज गया था।

महासमुंद.भीमखोज थाने के सामने टीआई का िवरोध करतीं आिदवासी महिलाएं।

11 मार्च को प्रकाशित खबर।