पालिकाध्यक्ष के वार्ड समेत दर्जनों मोहल्ले की सड़कें उधड़ी
शहर के दर्जनों मोहल्लों की सड़कें उखड़ चुकी हैं अौर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं। इसमें पालिकाध्यक्ष पवन पटेल के वार्ड की सड़क भी अछूता नहीं है और सालभर की कार्यकाल सड़कों को सुधारने की प्लानिंग में ही बीत गया है। अब नगरीय प्रशासन से सड़कों की मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत होने की बात कही जा रही है।
शहर के आउटर और मलिन बस्तियों के गलियों की हालत किसी से छिपी नहीं है। सीसी सड़क में गड्ढा होने के साथ सीसी रोड नीचे धंस चुकी है। महाप्रभु कॉलेज से सुभाषनगर तरफ जाने वाली सीसी सड़क में अनगिनत गड्ढे उभर आए हैं। यह मार्ग कुम्हारपारा, रावणभाठा, पिटियाझर समेत कई मोहल्लों की सड़कों को जोड़ती है। इसी मार्ग से होकर पालिकाध्यक्ष पवन पटेल नगरपालिका पहुंचते हैं। सब कुछ जानने के बाद भी सालभर में मार्ग को ठीक नहीं करा पाए। पालिका ये जरूर दिलासा दे रही है कि अब सड़कों का कायाकल्प होगा। सीसी रोड को उखाड़कर डामरीकरण किया जाएगा। इसके लिए दो करोड़ 12 लाख रुपए की स्वीकृति नगरीय प्रशासन से मिल चुकी है।
गलत तरीके से भुगतान करने का दबाव : नेता प्रतिपक्ष विक्रम ठाकुर ने आराेप लगाया है कि सत्तापक्ष ने सीएमओ का घेराव कर नियम विरुद्ध काम करने का सत्तापक्ष दबाव बनाते हैं। इसी क्रम में 19 लाख रुपए अधोसंरचना मद का मद परिवर्तन कर बीते साल के बकाया राशि का भुगतान कराया गया है। ऊपर से 20 लाख रुपए बिजली सामान खरीदी का भुगतान 50 लाख करने का दबाव बनाया जा रहा है। प्लेसमेंट कर्मचारियों के ठेकेदार को श्रमिक सप्लाई करने का लाइसेंस नहीं होने से कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं हो पा रहा है। इस ठेकेदार को भी नियम विरुद्ध पेमेंट करने का दबाव बना रहे थे। स्वागत द्वार में विधायक विमल चोपड़ा और नपाध्यक्ष पवन पटेल का चित्र लगाया गया है इसका 40 हजार रुपए भुगतान करने कहा जा रहा है। जेसीबी के लिए मिले 25 लाख मे से 17 लाख की खरीदी की गई है। यह पालिका के कार्यों के अनुकूल नहीं है। बाकी राशि को वापस भी नहीं किया गया है। इसे खर्च किया जा रहा है। इसमे भी दलाली और कमीशनखोरी की गई है।
चौदह सड़कों का होगा कायाकल्प
30 वार्ड वाले शहर की आबादी 70 हजार है। इनमें से मात्र 14 वार्ड की सड़कों को चिह्नांकित किया गया है, जो बिलकुल खराब हो चुकी हैं। नगर में कई जगहों पर खतरनाक गड्ढे हैं। गांधी चौक, महामाया मंदिर चौक, गोंडपारा चौक के खतरनाक पुलिया और गड्ढे जानलेवा बन चुके हैं। गड्ढों में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है और लोग घायल हो रहे हैं। बिठोबा चौक से शास्त्री चौक का मार्ग शहर के प्रमुख मार्ग में शुमार है। इस मार्ग की बेहतरी के लिए ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही हाल गांधी चौक से विठोबा टॉकीज मार्ग का है। जिस पर डामरीकरण तो दूर मरम्मत कार्य तक नहीं कराया गया है।
सड़क सुधारने मिली रकम
शहर के भीतर की सड़कों को सुधारने के लिए दो करोड़ 12 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष से सड़क मरम्मत का काम प्रारंभ हो जाएगा। पवन पटेल, नपाध्यक्ष, महासमुंद
पालिकाध्यक्ष के वार्ड की बदहाल सड़क, सुभाषनगर पहुंच मार्ग की जर्जर हालत।
परेशानी