सालों से कर रहे काम पीएफ का पता नहीं
स्कूल, नर्सिंग होम, कॉलेज में सालों से काम कर रहे कर्मचारियों काे भविष्य निधि योजना से दूर रखा है। जिले में ढाई से तीन हजार ऐसे कर्मचारी हैं, जिनका पीएफ जमा ही नहीं हो रहा है। श्रम विभाग को यह पता भी है, इसके बावजूद संस्थानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसका कारण यह है कि विभाग के पास इससे जुड़े दस्तावेज ही नहीं है।
श्रम कानून के पेंशन योजना के तहत जिस संस्थान में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, उनका भविष्य निधि प्रबंधन को जमा कराना अनिवार्य है। पड़ताल में कई शिक्षण संस्थानों में काम कर रहे कर्मचारियों की भविष्य निधि जमा नहीं की जा रही है। वहीं शिशु संस्कार केंद्र में सिर्फ सीनियर कर्मचारियों का ही पीएफ जमा हो रहा है। दो साल से काम कर रहे कर्मचारियों की भविष्य निधि जमा नहीं की जा रही है। वृंदावन, गुड शेफर्ड, नर्सिंग होम, कॉलेज में सेवा दे रहे कर्मचारियों का भी यही हाल है। संस्थानों में कर्मचारियों का हो रहा शोषण को जानने के बाद भी श्रम विभाग चुप बैठा है। कितने संस्थान में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, उसकी सूची विभाग के पास नहीं है।
यहां भविष्य निधि का दफ्तर नहीं : महासमुंद में कर्मचारी भविष्य निधि का दफ्तर नहीं है। कहने को सारा काम रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय की देखरेख में होता है। श्रम विभाग पूरे मामले में दूरी बना रखी है। जिले में 220 स्कूल हैं, इनमें से 100 स्कूलों में 20 से अधिक कर्मचारी सेवा दे रहे हैं। वहीं राइस मिलों की संख्या 65 के आसपास है।
कर्मचारियों को नहीं मिल रहा हक : भविष्य निधि में गड़बड़ी कर प्राइवेट संस्थान हर साल करोड़ों रुपए का टर्नओवर कर रही हैं। भविष्य निधि के लिए जूनियर और सीनियरों को तौला जा रहा है। संस्थान में नियुक्ति होते ही कर्मचारी का भविष्य निधि जमा किए जाने का प्रावधान है। अगर संस्थान में दस साल तक नौकरी करता है तो कर्मचारी को पेंशन की पात्रता होती है। विभागीय उदासीनता की वजह से कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल रहा है।
20 से घटाकर 10 हुई संख्या : श्रम विभाग ऐसे संस्थानों की अब सुध लेगा, जहां 10 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। संस्था प्रबंधनों को कड़ाई से भविष्य निधि जमा कराने की ताकीद दी जाएगी। पहले 20 से अधिक कर्मचारी होने पर भविष्य निधि जमा कराने का प्रावधान था, इसे घटाकर अब दस कर दिया गया है।
मिलेगा जूनियरों काे लाभ
संस्था में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य निधि जमा किया जा रहा है। जल्द ही जूनियर कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने लगेगा। पारस चोपड़ा, सचिव, शिशु कल्याण शिक्षण समिति, महासमुंद
करेंगे कार्रवाई
प्राइवेट संस्थानों से कर्मचारियों की सूची मंगाई जाएगी। अभी विभाग के पास इस संबंध में कोई कागजी रिकार्ड नहीं है। सूची के आधार पर संस्थानों में छापा मारा जाएगा। अशोक चौरसिया, उप श्रम पदाधिकारी, महासमुंद