सरकारी जमीन का फर्जी पट्टा बना टुकड़ों में बेच रहे माफिया
लभराकला ग्राम पंचायत में सरकारी जमीन का फर्जी पट्टा बनाकर टुकड़ों में बेचे जाने का मामला सामने आया है। वन विभाग और भू-अभिलेख के अधिकारियों की जांच में फर्जीवाड़ा की पुष्टि हुई है। वन विभाग ने जमीन की बिक्री रोकने और पट्टा निरस्त करने बागबाहरा तहसीलदार को पत्र लिखा है।
वन कक्ष क्रमांक-165 के दोनों छोर पर वनभूमि है, जिस पर जमीन माफिया की नजर पड़ी। पेड़ों काटकर सालभर से कब्जा किया जा रहा है। 13 लोगाें के नाम से फर्जी पट्टा भी बनाया गया है और जमीन के टुकड़े कर बेचा जा रहा है। ग्राम पंचायत ने इस पर आपत्ति की थी। कार्रवाई नहीं होने पर पंचायत पदाधिकारियों ने वन विभाग में शिकायत की। विवादित स्थल की जांच 24 जून 2015 को संयुक्त टीम ने की। मुआयना के बाद नक्शा-खसरा का मिलान किया गया।
इसमें 13 लोगों का नाम फर्जी पाया गया, जिनका पट्टा बना है। एसडीएम महासमुंद को भी पत्र जारी कर कार्रवाई करने कहा गया था पर अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। बागबाहरा रेंज ऑफिस से तहसीलदार को जमीन की खरीद-बिक्री रोकने पत्र जारी हुआ है।
अफसरों से सांठ-गांठ कर बनवाया पट्टा
भू-माफिया ने अफसरों से सांठ-गांठ कर फर्जी तरीके से सरकारी जमीन की ऋण पुस्तिका बनवा ली है। इसमें पटवारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पोल खुलने के डर से अफसर पट्टा निरस्त नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर की टीएल बैठक में जमीन की खरीदी-बिक्री रोकने और पट्टा निरस्त किए जाने की बात उठ चुकी है। वन विभाग को संदेह है कि और 17 लोगों ने फर्जी पट्टा बनवाया है।
इनके नाम पर फर्जी पट्टा
वन विभाग की ओर से जारी 8 जून 2015 के पत्र में उन लोगों के नाम हैं, जिनको पट्टा दिया गया है। इन नामों की सूची तहसीलदार बागबाहरा को दी गई है। इसमें जीवन गिरी, बिसहत निषाद, मन्नू सिन्हा, रामलाल सिन्हा, गिरजाशंकर दीवान, किशन सेन, बच्चन पटेल, खोलबाहरा निषाद, जीवरतन दास, जीवन दास, लक्ष्मण साहू, नंदू सिन्हा, भागीरथी खड़िया सभी लभरकला के हैं।
मामला गंभीर है, होगी कार्रवाई
सरकारी जमीन पर कब्जा कर फर्जी पट्टा बना खरीदी-बिक्री की जानकारी मिली है, जो गंभीर मामला है। रेंज ऑफिस बागबाहरा ने इसकी जांच की थी। पट्टा निरस्त करने और ब्रिकी रोकने निर्देशित किया गया है। एचएल रात्रे, डीएफओ, महासमुंद
महासमुंद. लभरा कला के जंगल से पेड़ों को कर दी गई कटाई।