चौपाल में होगी कार्यों की समीक्षा
मजदूरोंकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने, मांग अनुरूप काम देने जिले में एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। मनरेगा के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा के लिए चौपाल लगाने की तैयारी भी शुरू की गई है। प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त की जाए। कलेक्टर ने भी कार्यों की समीक्षा करते हुए मनरेगा के तहत किए गए कार्यों की पूर्णतः और अपूर्ण की जानकारी ली।
मजदूरों द्वारा जाब कार्ड पंजीयन कराया गया है और तीन वर्ष से कार्य नहीं कर रहे है उसकी जानकारी 15 दिवस के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही तकनीकी सहायक फिल्ड पर आए और 15 दिवस के भीतर कार्यों की आवश्यकता को देखते हुए उसकी रूपरेखा तैयार करें।
कलेक्टर ने मनरेगा के तहत कराए गए कार्यो की देख-रेख ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के कार्यपालन अभियंता को कहा कि वे संबंधित इंजीनियरों को जिम्मेदारी सौंपे। 30 सितंबर तक प्रत्येक पंचायतों का सत्यापन कर गर्भवती महिलाओं को एक माह की मजदूरी के बराबर मातृत्व सहायता भत्ता एवं अन्य योजनाओं से संबंधित लाभ दिलाए जाने की जानकारी उपलब्ध कराए। वहीं प्रत्येक ग्राम पंचायत में चौपाल लगाकर मजदूरों का रोस्टरवार मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। सभी पंचायत के कार्यक्रम अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है।
मजदूरी भुगतान में लापरवाही पर नोटिस जारी करने के निर्देश
कलेक्टरने कहा कि मजदूरों को मांग के अनुसार काम उपलब्ध कराए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार सके। उन्होंने कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों पर पादर्शिता बनाए तथा कार्य स्थल पर मजदूरों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराए। यदि उनके लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराए जाती है तो उसके लिए कार्यक्रम अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी केदार पटेल द्वारा मजदूरी भुगतान के लिए संबंधित जनपद के कार्यक्रम अधिकारी को समतुल्यता के आधार पर राशि जमा नहीं करने पर जिला पंचायत के सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ एसएन राठौर, सराईपाली एसडीएम स्वाति श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हल्कों में लगाएं कैंप
जिलाप्रशासन ने जिले के राजस्व अधिकारियों, जनपद पंचायत के सीईओ एवं नगरीय निकाय के सीएमओ की बैठक लेकर शासकीय काम-काज की समीक्षा की।