जल्द खादी यूनिफार्म में नजर आएंगे स्कूली बच्चे
निजी स्कूलों में भी अब खादी की चमक नजर आएगी। शिक्षा विभाग अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूली बच्चों को खादी पहनाने की कोशिश में लगा हुआ है। इसके लिए शिक्षा विभाग कम से कम एक जोड़ी यूनिफार्म खादी का हो, इसे लागू कराने ग्रामोद्योग बोर्ड से अनुशंसा करेगा। इससे पहले ऐसे स्कूलों को चयनित किया जा रहा है, जहां की दर्ज संख्या अधिक है।
सरकारी स्कूलों का यूनिफार्म सरकार बुनकर सहकारी समितियों के जरिए तैयार कराती है। बसना के भगतदेवरी में खादी कपड़े तैयार किए जाते हैं, लेकिन खादी ग्रामोद्योग इसे नहीं खरीदता। इसीलिए बुनकरों को रायपुर, बिलासपुर पर निर्भर रहना पड़ता है। अगर निजी स्कूलों में खादी अनिवार्य हो, तो खादी का प्रचलन बढ़ने के साथ बुनकरों को रोजगार भी मिलेगा।
अफसरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खादी वस्त्र को बढ़ावा देने 20 से 30 फीसदी छूट का ऐलान किया है। कमोबेश अफसरों ने शहर के अलावा जिले के नामचीन चुनिंदा निजी स्कूलों को लक्ष्य में लेने की बात कही है। इसके इस्तेमाल को लेकर खादी ग्रामोद्योग प्रचार तो कर ही रहा है, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। यही कारण है कि अब इसकी शुरुआत स्कूलों से करने की तैयारी चल रही है।
जिले में 222 निजी
स्कूल संचालित
जिले में 222 निजी स्कूल हैं। इनमें 20 से अधिक बड़े नामचीन स्कूल हैं। शहर में ही ड्रीम इंडिया, डीपीएस, वेडनर मेमोरियल, गुड शेफर्ड, वृंदावन, शिशु संस्कार आदि में तीन से चार हजार बच्चे हैं। ब्लाॅक में भी जाने-माने स्कूलों की शाखाएं हैं। दर्ज संख्या के आधार पर स्कूलों का चयन किया जाएगा। इन स्कूलों में गांधी जयंती के मौके पर बच्चे खादी के लिबास में नजर आते हैं। ऐसे में अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की बात कही जा रही है।
स्कूलों का चयन कर रहे, आदेश पर करेंगे लागू
निजी स्कूलों में खादी यूनिफार्म लागू करने के लिए ग्रामोद्योग के जरिए शासन को प्रस्ताव रखा गया है। यह एक अच्छी पहल है, जिसमें बच्चे खादी में नजर आएंगे। स्कूलों का चयन किया जा रहा है। आदेश आने पर लागू किया जाएगा। हिमांशु भारतीय, सहायक संचालक, शिक्षा विभाग, महासमुंद
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय।