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लभरा मिडिल स्कूल में बच्चों ने तैयार किया ज्यामितीय उद्यान

5 वर्ष पहले
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शिक्षा के बढ़ते गुणवत्ता ने अब स्कूलों की तस्वीर बदल दी है। लभरा मिडिल स्कूल के बच्चों ने वृत, त्रिभुज, आयात और चतुर्भुज के आकार में स्कूल परिसर में उद्यान बनाया है। बच्चों के इस प्रयास में प्रधानपाठक और शिक्षकों ने भी अहम भूमिका निभाई है। स्कूल परिसर में करीब 300 फलदार पौधे लगे हुए हैं, जिसमें हर पौधा ज्यामितीय संरचना के आधार पर लगाया गया है।

लभरा गांव और स्कूल में पानी की सुविधा के लिए लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं लेकिन, यहां के बच्चों ने हार नहीं मानी है। पानी का जलस्तर गिरने के बावजूद छात्र-छात्राओं की ओर से हैंडपंप से स्कूल परिसर में लगे हरे-भरे फलदार पौधौं काे सहेजने में जरा भी कोताही नहीं बरतते। नेशनल हाइवे के किनारे स्थित स्कूल की खूबसूरती लोगों को आकर्षित कर रही है। स्कूल परिसर के उद्यान में आंवला, नींबू, अमरूद, सीताफल, पपीता, अाम, कटहल सहित विभिन्न प्रकार के फूलोें के पौधे महक रहे हैं। स्कूल में बच्चों को सदाचार की भी शिक्षा दी जा रही है।

यहां प्रार्थना के बाद बच्चे हर दिन सुविचार, प्रेरणा गीत, स्वच्छता नारा के अलावा दिन की प्रमुख घटनाओं के बारे में शिक्षकों से समाचार सुनते हैं।

प्रार्थना के बाद सुविचार

सोमवार से शनिवार तक प्रार्थना के बाद सभी बच्चों से सुविचार बुलवाए जाते हैं। बच्चे हमें सत्य बोलना चाहिए, विद्या के सामान नेत्र नहीं है, फूल में कितना भी पानी डालो, फूल अपने समय पर खिलता है, अभिमान का त्याग ही सच्चा त्याग है जैसे सुविचार बच्चों द्वारा प्रार्थना सभा में की जाती है। इसके अलावा प्रतिदिन देश-दुनिया में घटी घटनाओं पर आधारित समाचार का पठन किया जाता है। प्रेरणा गीत, सामान्य जानकारी, स्वच्छता नारा के साथ प्रत्येक शनिवार को स्कूल परिसर में बच्चे साफ-सफाई खुद करते हैं।

महासमुंद| लभरा स्कूल के बच्चे गणितीय उद्यान में पानी डालते हुए।

बदल रहा सरकारी स्कूल
प्रधानपाठक सीएल ठाकुर, वामेश्वर साहू, राजेश्वरी शर्मा, अंजु सोनछत्र ने बताया कि शिक्षा में स्कूलों में तेजी से शिक्षा गुणवत्ता बच्चों को मिल रही है। शासन की ओर से शिक्षा का अधिकार लागू करने और बच्चों में शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने किए गए प्रयास अब सार्थक हो रहे हैं। इसके लिए लगातार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। बच्चों को डांटने और मारने के बजाए समझाने का परिणाम यह रहा कि बच्चे खुद अनुशासन के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि हर छात्र की गतिविधियां, दिन के अनुसार प्रेेरणा गीत, सुविचार, अनमोल वचन, समाचार और सामान्य जानकारी के लिए बच्चों ने खुद रजिस्टर बना रखा है।

अच्छी पहल
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