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पार्टी नहीं यहां व्यक्ति को दे रहे तवज्जो
जिलाऔर जनपदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद को लेकर हालांकि कांग्रेस और भाजपा ने जोरदार लाबिंग शुरू की है।
सदस्यों को अपने पक्ष में बनाए रखने के लिए इन पदों के दावेदार सैर सपाटे का भी सहारा ले रहे हैं, लेकिन सदस्य यहां पार्टी नहीं व्यक्तित्व को तवज्जो देने में लगे हुए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए हालांकि भाजपा के पास सदस्यों की संख्या अधिक बताई जा रही है, लेकिन पंचायत के चुनाव दलगत आधार पर नहीं होने का भरपूर फायदा भी सदस्य उठा रहे हैं, वे अपने मनपसंद लोगों को इन पदों पर बिठाने के लिए पार्टी की समझाइश को नजरअंदाज करते हुए अज्ञातवास पर चले गए हैं। बात महासमुंद जनपद की करें तो यहां के 15 सदस्य कांग्रेस और भाजपा के संभावित दावेदारों से दूर हो चुके हैं। बागबाहरा में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी हुई है।
बसना, सराईपाली और पिथौरा में राजनीतिक समीकरण को धता बताने की कोशिशें परवान चढ़ रही हैं, हालांकि भारतीय जनता पार्टी को भरोसा है कि अधिकांश स्थानों में उनके समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध बन जाएंगे। यही भरोसा जिला पंचायत के पदों को लेकर भी भाजपा को है। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल और भाजपा ने पार्टी के विधायक शिवरतन शर्मा को महासमुंद जिला पंचायत में कुर्सी तैयार करने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन राहें आसान नहीं हैं।
कुकराडीह के जनपद सदस्य धरमदास महिलांग 16 सदस्यों को अपने पक्ष में कर अज्ञातवास में चले जाने की चर्चा आज दिनभर शहर में होती रही। इससे कांग्रेस और भाजपा की धड़कनंे तेज हो गई है। महिलांग के बहू-बेटे जरूर भाजपा में है लेकिन महिलांग ने भाजपा प्रवेश नहीं किया है और वे मूलत: कांग्रेसी है और वे जिला कांग्रेस कमेटी के विशेष आमंत्रित सदस्य भी है। बीती रात हुए हलचल ने सभी को सख्ते में डाल दिया है। बताते है लक्ष्मी जी की कृपा होती रही और लोक एकजुट होकर सैर सपाटे पर निकल गए है। 25 सदस्यीय इस जनपद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद हथियाने के लिए 13 वोट की जरूरत है, चर्चा तो यहां तक है कि 15 से 16 सदस्यों को एकजुट कर लिया गया है। वहीं 2, 3 सदस्यों से लगातार कांटेक्ट किया जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस ने अपने पर्यवेक्षक िनयुक्त कर दिया है। पर्यवेक्षकों द्वारा की जाने वाले रायशुमारी के बाद स्थित स्पष्ट होगी। भाजपा से दूसरी बाद चुनाव जीत कर आए देवा नायक और मंडी अध्यक्ष रहे विश्राम ध्रुव भाजपा के प्रत्यार्शी हो सकते है। वहीं कांग्रेस द्वारा विनोद चंद्राकर, संध्या चंद्राकर को प्रत्यार्शी बनाया जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दो दिनों से जनपद सदस्याें को लामबंद करने की मुहिम होती रही और एक-एक सदस्य के लिए खास लोगों को ही कांटेक्ट करने की जिम्मेदारी देकर उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश की गई। नगरीय निकायों में भाजपा की हुई किरकिरी के बाद पंचायत, जनपद और जिला पंचायत में भाजपा समर्पित लोगों को बैठाने की कवायद तेज हुई है। इसी के चलते जिला ही नहीं प्रदेश के सभी जनपदों में राजनीतिक हलचले तेज हुई है।
जनपद में अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही चिंतित
ग्राम पंचायतों में भी उपसरपंच बनाने को जोड़-तोड़ शुरू
पंचायतोंमें भी जोरशोर से उपसरपंच की तैयारियों शुरू हो गई हैं। कहा जा रहा है कि पंच भी अब जनपद और जिला पंचायत सदस्यों की तरह सैर सपाटे की शौकीन हो गए हैं। बड़े पंचायतों में पंचों को अपने फेवर में करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। खबर है कि ट्रैवल्स एजेंसियां पंचायतों के प्रथम सम्मेलन तक के लिए बुक हो गई हैं। शादी-ब्याह का सीजन भी शुरू हुआ है, लेकिन पंचायतों के लिए तैयार वाहन शादियों में नहीं जा रहे। इधर, अपने को प्रत्याशी घोषित कराने की रणनीति पर कई दावेदार काम कर रहे है 13 फरवरी को जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन किया जाएगा।
महिलांग के नाम पर भी हो रहा विचार
जिलाकांग्रेस अध्यक्ष अमरजीत चावला ने भास्कर को बताया कि जनपद अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के अधिकृत प्रत्यार्शी विनोद चंद्राकर और उपाध्यक्ष पद के लिए पुष्पा साहू को घोषित किया जाएगा। जनपद में अधिकांश सदस्य कांग्रेस के है इसलिए कांग्रेस की जीत तय है। अभी तक किसी भी सदस्य ने कोई दावेदारी नहीं की है। जनपद सदस्य के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के विशेष आमंत्रित सदस्य धरमदास महिलांग भी चुनाव जीते हैं यदि वे जिला कांग्रेेस कमेटी के समक्ष दावेदारी रखते हैं तो गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।