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महीने में एक बार बदलें पासवर्ड, सोशल साइट्स पर शेयर न करें पर्सनल नंबर / महीने में एक बार बदलें पासवर्ड, सोशल साइट्स पर शेयर न करें पर्सनल नंबर

Bhaskar News Network

Jun 21, 2017, 03:25 AM IST

Mahasamund News - मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में इंटरनेट के जरिए होने वाले साइबर क्राइम से सुरक्षित रहने के तरीकों की जानकारी...

महीने में एक बार बदलें पासवर्ड, सोशल साइट्स पर शेयर न करें पर्सनल नंबर
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मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में इंटरनेट के जरिए होने वाले साइबर क्राइम से सुरक्षित रहने के तरीकों की जानकारी दी गई। महासमुंद शहर सहित पूरे जिले में कुछ महीनों के भीतर लगातार मामलों के चलते देख हमर संग हमर पुलिस के तहत पुलिस साइबर एक्सपर्ट के माध्यम से प्रत्येक स्कूल, कॉलेज के छात्रों व पालकों के लिए जिला मुख्यालय व ब्लाॅकों में वर्कशाॅप आयोजित कर रही है। मुंबई से पहुंचे साइबर एक्सपर्ट रीतेश भाटिया ने बताया कि अपनी सभी इंटरनेट गतिविधियों ई-मेल, जी-मेल तथा फेसबुक आदि के पासवर्ड को किसी को न बताएं। उन्होंने कहा आजकल फेक आईडी के जरिए साइबर क्राइम होते हैं। फेसबुक चैटिंग, ऑनलाइन मैरिज रजिस्ट्रेशन में सतर्कता बरतें। फेसबुक में पर्सनल नंबर, बच्चों के प्रोफाइल, कम्प्यूटर में पासवर्ड सेव न रखें। हो सकें तो ऑफिस और पर्सनल ईमेल अलग-अलग रखें। महीने में एक बार पासवर्ड भी बदलें। पहले सत्र में बच्चों व शिक्षकों व दूसरे सत्र में पुलिस अफसर व कर्मचारियों को साइबर क्राइम रोकने व इस पर त्वरित कार्रवाई कैसे करें की जानकारी दी गई।

ऐसे साइबर क्राइम को देते हैं अंजाम

महासमुंद. छात्रों को साइबर क्राइम से बचने के उपाय बताते हुए एक्सपर्ट।

आवाज उठाएं, अपराध रोकें

एक्सपर्ट ने कहा कि अगर कोई लड़कियों के साथ छेड़खानी या सोशल नेटवर्किंग साइट, वॉटसएप या फेसबुक से परेशान करता है तो इसकी जानकारी अपने माता-पिता को देने के साथ पुलिस को घटना से अवगत कराए। अगर लगता है कि आपके साथ कोई गड़बड़ी हुई है तो तत्काल स्क्रीन शॉट लेकर कंप्यूटर या मोबाइल से छेड़छाड़ न करें। अनजान कॉलर स्वयं को बैंक अधिकारी बताकर ठगी करते हैं, ऐसे दर्जनों केस हाल ही में जिले में सामने आए हैं जिनका पुलिस ने खुलासा भी किया।

चलाएं जागरूकता अभियान

जिला पंचायत सीईओ तथा प्रभारी कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने कहा शिक्षा विभाग के अफसरों से कहा कि साइबर क्राइम से बचने और इससे होने वाले गड़बड़ियों की जानकारी भावी पीढ़ी बच्चों तक पहुंचाना आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक स्कूलों शिक्षकों के माध्यम से यह संदेश पहुंचना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता रोशना डेविड ने कहा सोशल मीडिया और इंटरनेट की भूमिका तेजी से बढ़ी है। एसपी नेहा चंपावत, निरंजना शर्मा, रूपेश तिवारी, हिमांशु व स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

स्पैम मेल में अनेक प्रकार के ईमेल आते है, जिसमे कुछ ऐसे भी होते है जो सिर्फ कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे कंप्यूटर हैक हो जाता है। किसी की भी निजी जानकारी को हासिल करना जैसे की उपयोगकर्ता नाम या पासवर्ड और फिर उसमे फेरबदल करना हैकिंग कहलाता है।

हैकिंग कर ऐसे होता है साइबर क्राइम

साइबर एक्सपर्ट भाटिया ने उदाहरण देते हुए बताया कि कक्षा 12वीं की आॅटो में सफर कर रही थी, उसे एक अनजान फोन में कहा गया कि अभी आप जहां पर हैं, वहां का टॉवर में काम चल रहा है, इस दौरान मोबाइल स्विच ऑफ करें नहीं ताे मोबाइल खराब हो जाएगा। मोबाइल बंद करते ही परिजनों के पास दूसरा फोन किया गया जिसमें उनसे कहा गया कि अापकी बेटी का अपहरण हो गया है। आधे घंटे में एकाउंट में 10 लाख जमा कराओ नहीं तो मार डालेंगे।

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