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जमीन का मुआवजा तय नहीं होने से अाक्रोश

7 वर्ष पहले
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पिथौरा|आरंग सेसराईपाली तक हो रहे सड़क चौड़ीकरण में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं परिवहन विभाग ने ग्राम छुआलीपतेरा की अर्जित भूमि का मुआवजा तय ही नहीं किया है। प्रभावित तीन सालों से एसडीएम कलेक्टर तो कभी राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के चक्कर लगाने के लिए मजबूर है।

विख अंतर्गत ग्राम छुआलीपतेरा के पारा चैनडीपा में बने 8 से 10 मकान राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण में प्रभावित हो रहे है। प्रभावित व्यक्तियों द्वारा किए गए आवेदन के बाद एसडीएम पिथौरा के द्वारा सांकरा क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक को तत्काल जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए ज्ञापन दिया राजस्व निरीक्षक द्वारा अभी तक मौका जांच नहीं करने से प्रभावितों में आक्रोश बना हुआ है। पीड़ित एवं प्रभावित लोगों ने बताया कि मुआवजा देने के लिए विभाग रूचि नहीं ले रहा है जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बने हुए उनके मकानों को विभाग के द्वारा चिन्हांकित कर दिया गया है विगत दिनों ठेकेदार के जेसीबी मशीन लेकर तोड़फोड़ के लिए पहुंच गए थे जब उन्हें यह बताया गया कि उक्त ग्राम का मुआवजा निर्धारण नहीं हुआ है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और तोड़फोड़ पर उतारू हो गए।



इस तरह से उक्त ग्राम के प्रभावित लोगो की फरियाद अनसुनी कर दिए जाने से ऐसा प्रतीत होता है कि राजमार्ग विभाग प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देना ही नहीं चाहता।

जांच के निर्देश दिए गए है : एसडीएमकेडी वैष्णव ने बताया कि उक्त ग्राम के प्रभावितों का मुआवजा निर्धारण नहीं हुआ तो उन्होंने तत्परता पूर्वक कार्रवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी को निर्देश दिया है कि तत्काल ही मौका जांचकर वस्तु स्थिति से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

अधिवक्ता ने दी नोटिस

ग्राम छुआलीपतेरा के प्रभावित क्षेत्र के रहवासियों का अब तक मुआवजा निर्धारण नहीं होने पर बजरंग अग्रवाल अधिवक्ता ने परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना कार्यालय रायपुर को कानूनी नोटिस देते हुए मांग किया है कि जब तक प्रभावित व्यक्तियों का मुआवजा निर्धारण नहीं कर दिया जाता है तब तक उक्त ग्राम में बने मकानों को तोड़फोड़ ना करें। राजमार्ग में प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को मुआवजा प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग अपनी गलती का लाभ नहीं ले सकती अगर अधिनियम के धारा 3ए का प्रकाशन नहीं हुआ है तो विभाग को जल्द क