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समितियों में धान जाम के हालात

7 वर्ष पहले
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समर्थनमूल्य पर धान की खरीदी के साथ ही परिवहन कराने की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। धान खरीदी के दौरान आवक तो लगातार बढ़ रही है लेकिन परिवहन की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई है। अब तक सात लाख 91 हजार क्विंटल धान समितियों में जाम पड़ा है।

सहकारी बैंक के अनुसार अब तक 23 हजार 33 किसानों द्वारा धान बेचा गया है। आठ लाख 28 हजार क्विंटल की खरीदी शुक्रवार तक हो गई है। इसकी राशि 114 करोड़ 44 लाख रुपए है। बताया गया कि इसमें से मात्र 36 हजार 96 क्विंटल धान का ही परिवहन संग्रहण केंद्रों में हो पाया है। जबकि अभी भी सात लाख 91 हजार क्विंटल धान समितियों में पड़ा है। इस तरह परिवहन की व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही है।

केंद्रों में धान की खरीदी जारी है, लेकिन परिवहन को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं।

राशि पर्याप्त नहीं मिली

इधरमार्कफेड से किसानों को भुगतान के लिए अब तक 98 करोड़ 83 लाख रुपए मिल चुके हैं। जबकि खरीदी 114 करोड़ रुपए की हो चुकी है। इस तरह कई किसानों को राशि का भुगतान नहीं मिल पाया है। बैंक की मानें तो रोजाना राशि मार्कफेड से दी जाती है। मार्कफेड द्वारा तिलई, सिंघोला, ठेलकाडीह, घोटिया, मदराकुही, कलकसा, सेवताटोला और बांधाबाजार में संग्रहण केंद्र बनाया गया है।

^संग्रहण केंद्रों में धान लाया जा रहा है। हालांकि परिवहन को लेकर समितियों में परेशानी नहीं है। वर्तमान में जाम के हालात नहीं हैं। मार्कफेड द्वारा 165 गाडिय़ां लगाई गई हैं। बारिश होती है तो कैप कवर की पर्याप्त व्यवस्था भी है।\\\'\\\' एमआरधीवर, जिलाविपणन