प्रभु की भक्ति में ही है जीवन का आनंद
कान्हामहिला मंडल द्वारा आयोजित संगीतमय अष्टोत्तर शत 108 श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के छठवें दिन व्यासपीठ पर विराजमान कथा वाचक नरेशभाई राज्यगुरु मुंबई वाले ने भागवत कथा का वृतांत बताते हुए कहा कि अगर कान्हा को पाना है तो राधा जरुरी है।
भगवान की भक्ति जरुरी है। श्रोताओं के बिना वक्ता का कोई मोल नहीं उसी प्रकार भक्ति के बिना भक्त का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने बताया कि जैसे कुछ बालक क्रिकेट खेल रहे हों बच्चों द्वारा एक छोर से बॉलिंग करने पर दूसरी ओर बैटिंग करते बालक की खेद को लपक लेने पर खुशी होती है, उसी प्रकार मनुष्य प्रभु की भक्ति कर आनंद प्राप्त करता है। उसी प्रकार भागवत कथा को सुनने से जीवन में मंगल होता है जीवन सफल हो जाता है। प्रभु भक्ति का आनंद ही कुछ और होता है। उनकी सेवा से जीवन से कष्टों का नाश हो जाता है। जिस प्रकार सदगुरु मिलने पर सभी सुख-साधन की प्राप्ति होती है। उसी प्रकार भागवत कथा सुनने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। भाग्य उदय होता है। व्यास जी महाराज कहते हैं एक तरफ संसार का सुख तो दूसरी तरफ प्रभु की कथा रखने पर ज्यादा लाभकारी प्रभु की कथा होगी। भगवान की भक्ति एक क्षणभर करने से जीवनभर के पापों का नाश होता है।
रुखमणि विवाह में कराया कन्या की शादी
कान्हामहिला मंडल द्वारा आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन शुक्रवार की शाम कहानी में जहां भगवान कृष्ण-माता रुखमणि का विवाह हुआ, तो मंडली द्वारा सचमुच में एक कन्या का दान किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।